मथुरा। संस्कृत की परीक्षा में सास और ननद के संस्कृत शब्दों को लेकर कई छात्र अटक गए। वहीं, हिंदी के पेपर में जंगल और कोयल के पर्यायवाची शब्द तथा लेखन विधि के महत्व से जुड़े सवाल पूछे गए, जिन्हें परीक्षार्थियों ने स्कोरिंग और आसान बताया। कठिन संस्कृत को छोड़कर अधिकांश छात्रों के लिए परीक्षा का यह दिन संतोषजनक रहा।
डीएलएड प्रथम सेमेस्टर की चल रही परीक्षाओं के तीसरे दिन बुधवार को हिंदी, संस्कृत और कंप्यूटर विषयों की परीक्षाएं हुईं। सुबह की पाली में हिंदी, दोपहर में संस्कृत और शाम को कंप्यूटर विषय का पेपर कराया गया। परीक्षार्थियों के अनुसार हिंदी और कंप्यूटर का पेपर काफी अच्छा और सरल रहा, लेकिन संस्कृत के पेपर ने छात्रों को उलझाया। हिंदी प्रश्न-पत्र में सुलेख, निर्मल का विलोम शब्द, देवनागरी लिपि, उच्चारण अशुद्धियों के कारण, पठन विधियों और विराम चिह्नों से संबंधित व्यावहारिक प्रश्न शामिल थे। वहीं संस्कृत के प्रश्न-पत्र में शब्द रूप, विभक्ति-वचन, संज्ञा (भाववाचक), रिश्ते-नातों के संस्कृत नाम, सूक्तियों का अर्थ तथा अनुवाद पर मुख्य ध्यान केंद्रित किया गया। भाषा शिक्षण की प्राथमिक दक्षताओं और बुनियादी व्याकरण को परखने के दृष्टिकोण से प्रश्न-पत्र संतुलित रहा।
प्रभारी प्राचार्य डायट जमुना प्रसाद ने टीम के साथ सेठ बीएन पोद्दार इंटर कॉलेज सहित अन्य केंद्रों का निरीक्षण किया। प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं बुधवार को संपन्न हो गईं, तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा 24 से 26 सितंबर तक 9 केंद्रों पर 3837 परीक्षार्थियों द्वारा दी जाएगी। प्रथम पाली में हिंदी विषय की परीक्षा के दौरान सत्र 2025 के 2443 नामांकित छात्रों में से 2226 उपस्थित और 217 अनुपस्थित रहे, जबकि सत्र 2024 के 1207 नामांकित छात्रों में 893 उपस्थित तथा 314 अनुपस्थित रहे। इसके अलावा सत्र 2023, 2022, 2021 और 2018 के क्रमशः 10, 01, 00 और 00 नामांकित छात्र रहे, जिससे कुल 3661 नामांकित छात्रों में से 3125 ने परीक्षा दी और 536 अनुपस्थित रहे। वहीं द्वितीय पाली में संस्कृत/उर्दू विषय के लिए कुल 3721 नामांकित छात्रों में 3181 उपस्थित और 540 अनुपस्थित रहे, तथा तृतीय पाली में कंप्यूटर विषय के लिए कुल 3669 नामांकित छात्रों में से 3133 परीक्षार्थी उपस्थित और 536 अनुपस्थित पाए गए।
हिंदी और कंप्यूटर का पेपर तो बहुत आसान था, लेकिन संस्कृत के पेपर में सास और ननद के संस्कृत शब्दों ने जरूर उलझा दिया। - हरिओम कुमार, मुरसान
संस्कृत थोड़ी कठिन जरूर रही, पर हिंदी और कम्प्यूटर के स्कोरिंग सवालों की वजह से कुल मिलाकर परीक्षा का दिन संतोषजनक रहा। - सुरेंद्र कुमार, नौहझील