मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान प्रकरण में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के वाद में शुक्रवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में दोनोें पक्ष अपनी मांग पर अड़ गए। न्यास ने अदालत से लंबित पड़े प्रार्थनापत्रोें पर सुनवाई की मांग की, जबकि विपक्षी इंतजामिया कमेटी और वक्फ बोर्ड ने उपासना स्थल अधिनियम पर बहस के लिए अदालत से कहा। अदालत ने उपासना स्थल अधिनियम पर बहस के लिए १९ अप्रैल की तारीख तय की है।
दरअसल, सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष वादी एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह के प्रार्थनापत्र पर सुनवाई की जानी थी। सुनवाई की शुरूआत में महेंद्र प्रताप सिंह ने अदालत से शाही ईदगाह पर यथास्थिति बनाए रखने, ईदगाह परिसर की कमीशन रिपोर्ट, पुरातत्व विभाग जीपीआर और जियो रेडियोलॉजी सिस्टम से खोदाई संबंधी आदि के प्रार्थनापत्रों पर सुनवाई की मांग की।
उनकी ओर से बहस करते हुए एडवोेकेट श्रीभगवान शर्मा, राजेंद्र माहेश्वरी आदि ने भी प्रार्थनापत्रों पर सुनवाई की मांग की, जबकि अदालत से शाही ईदगाह कमेटी के सचिव एडवोकेट तनवीर अहमद ने मांग की कि पहले उपासना स्थल अधिनियम पर बहस की जाए। जिससे अदालत में यह स्पष्ट हो सके कि केस चलने योग्य है भी या नहीं।
अदालत ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद उपासना स्थल अधिनियम पर बहस के लिए १९ अप्रैल की तारीख तय की है। उनके साथ अधिवक्ता जीपी निगम, नीरज शर्मा, अबरार अहमद आदि मौजूद रहे। इंतजामिया कमेटी के सचिव एडवोकेट तनवीर अहमद ने बताया कि वादी के तारीख लेने संबंधी प्रार्थनापत्र को अदालत ने २५० रुपये जुर्माने के साथ स्वीकार किया है।