वृंदावन। परिक्रमा मार्ग स्थित आश्रम से शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। आश्रम में रहकर पढ़ाई कर रहे शिष्य ने दो बाबाओं पर यौन शोषण करने, पीटने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। विशेष न्यायालय के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शनिवार को पीड़ित के बयान दर्ज किए हैं।
मूल रूप से झारखंड के जिला गुमला निवासी नाबालिग नगर के परिक्रमा मार्ग स्थित आश्रम में रहकर पढ़ाई करता है। नाबालिग के संरक्षक ने कोतवाली में दो बाबाओं के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि बाबा राम अखंड दास पीड़ित को अपने साथ बनारस स्थित आश्रम ले गए थे, जहां जुलाई 2024 तक उन्होंने उसके साथ यौन शोषण किया। इसके बाद आरोपी बाबा उसे वृंदावन के परिक्रमा मार्ग स्थित आश्रम ले आए। यहां भी राम अखंड दास ने उसका शोषण जारी रखा। इसके बाद गत 21 जून की रात करीब 10 बजे आश्रम के ही दूसरे बाबा बालगोविंद दास ने भी पीड़ित के साथ जबरन यौन शोषण किया। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया तो मुंह में कपड़ा ठूंस कर लात-घूंसों व डंडों से मारपीट की गई। आरोपियों ने पीड़ित को धमकी दी कि यदि उसने इस बारे में किसी को बताया, तो उसे जिंदा नहीं छोड़ेंगे।
गत 20 अगस्त को जब बाबा बालगोविन्द दास के गुरु महंत काशी से वृंदावन आश्रम आए तो पीड़ित ने उन्हें अपनी आपबीती सुनाई। आरोप है कि महंत ने न्याय करने के बजाय अपने शिष्य बालगोविंद का ही पक्ष लिया और पीड़ित को आश्रम से निकालने की धमकी दी।
इस बात का पता चलने पर उसी शाम आरोपी बाबा बालगोविंद दास ने पीड़ित को अकेले में बुलाया और लाठी से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे पीड़ित को गंभीर चोटें आईं। पीड़ित ने अगले दिन 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। जहां कथित तौर पर मामला शांत करा दिया गया। गत 15 अक्तूबर को पीड़ित अपना बचा सामान लेने आश्रम पहुंचा, तो वहां मौजूद बाबा बालगोविंद दास ने उसे पीटा और सामान भी वापस नहीं दिया। एक अन्य आश्रम में रह रहे नाबालिग छात्र के संरक्षक ने इस मामले को लेकर विशेष न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। न्यायालय के आदेश पर आश्रम के दो आरोपी बाबाओं के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(4) अपहरण, 115(2) स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, 352 शांति भंग करने के इरादे से अपमान और 351(3) आपराधिक धमकी एवं पॉक्सो अधिनियम की धारा 5 और 6 में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने शनिवार को पीड़ित के बयान दर्ज किए। सीओ सदर पीतम पाल सिंह ने बताया कि पीड़ित के संरक्षक की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।