कानून व्यवस्था में सुधार की तैयारी
- फोटो : demo pic
जिले में दंगा नियंत्रण, बवाल और आए दिन होने वाली बड़ी-बड़ी घटनाओं पर कार्रवाई के लिए तैनात होने वाली सशस्त्र पुलिस (एपी) का सिविल पुलिस में विलय कर दिया गया है। सशस्त्र पुलिस के जवान अब सिविल पुलिस के साथ ही काम करेंगे।
जिले के 21 थाने और 60 पुलिस चौकियों पर 2000 से अधिक सिपाही तैनात हैं। इसके अलावा कैदियों को जेल से लाने ले जाने, अन्य जिलों में पेशी के लिए जाने, आए दिन आने वाले वीआईपी की सुरक्षा, मेला, परिक्रमा, धार्मिक आयोजन और दंगे आदि को रोकने के लिए 650 आर्म्ड पुलिस (एपी) के जवान रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात रहते हैं।
निकटवर्ती जिलों से आपात स्थिति मांगे जाने वाले फोर्स पर रिजर्व पुलिस लाइन से ही फोर्स दिया जाता है। सूबे में चल रही पुलिसकर्मियों की कमी और अपराध रोकने के लिए टीम भावना से काम करने के लिए अब सशस्त्र पुलिस और सिविल पुलिस के बीच का अंतर खत्म कर दिया गया है।
बीते दिनों डीजीपी के आदेशों के अनुपालन में एपी के 650 जवानों को सीपी में विलय कर दिया गया। अब रिजर्व पुलिस लाइन के सिपाही भी थानों में अपनी सेवाएं दे सकेंगे। इस दायरे में आए केवल मुख्य आरक्षी, आरआई लाइन और उप निरीक्षक का पद ही विलय होने से बचा रहेगा।