गोवर्धन। सहकारी समितियों पर किसानों को डीएपी खाद नहीं मिल रही है। खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं। शनिवार को सैकड़ों किसानों ने सहकारी समिति में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर आक्रोश जताया।
खेत सरसों और आलू की बुवाई के लिए तैयार हैं। अब डीएपी न मिलने से वे बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। शनिवार को सैंकड़ों किसान गोवर्धन सहकारी समिति पर डीएपी खाद लेने पहुंचे। वहां 250 बोरा डीएपी का स्टॉक था। उसका वितरण नहीं कराया गया। इससे आक्रोशित किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसकी जानकारी मिलने पर एसडीएम अजय कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। समिति सचिव को खाद वितरण कराने के निर्देश दिए।
वितरण होने से पहले ही किसानों ने हंगामा कर दिया। सचिव ने खाद देने से इंकार कर दिया। किसान इधर से उधर भटक कर लौट गए। अब उन्हें समय रहते डीएपी खाद की आपूर्ति नहीं होती है तो सरसों और आलू की बुवाई प्रभावित होगी। बाजार में निजी दुकानों पर डीएपी खाद है, लेकिन महंगे रेटों में खरीदने के लिए किसान के पास इतना बजट नहीं है। इससे सरसों व आलू की बुवाई प्रभावित होने के कगार पर है।
लोकेंद्र चौधरी ने सचिव पर डीएपी खाद की कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए कहा कि दो दिन पूर्व सचिव ने 67 बोरा की कालाबाजारी की थी। एसडीएम अजय कुमार सिंह ने बताया कि डीएपी खाद की आपूर्ति के लिए उच्चाधिकारियों से बात की जा रही है। खाद की कालाबाजारी नहीं होने दी जाएगी। हरवीर सिंह, होशियार, सिंह, वीरपाल, बलवीर सिंह, शंकर लाल, छोटू, दीपक, राधेश्याम, आदि किसान मौजूद थे।
सोसायटी में 250 बोरा डीएपी खाद है। किसानों की संख्या अधिक है। इसलिए खाद वितरण नहीं किया गया है।
राधा, सचिव गोवर्धन
डीएपी न मिलने से किसान परेशान
टैंटीगांव। सुरीर क्षेत्र में आत्मनिर्भर सहकारी समितियों व प्राइवेट दुकानों पर डीएपी खाद न मिलने से किसान परेशान है। आत्मनिर्भर सहकारी समिति कराहरी, भदनवारा, आत्मनिर्भर समिति लोहई, आत्मनिर्भर समिति भगत नगरिया आदि समितियों पर डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है। किसान रामप्रसाद लवानियां, सुरेश चंद, पवन कुमार, कन्हैया लाल राघव, मुकेश कुमार, प्रेम चंद, राकेश कुमार, बनी सिंह, रघुराज सिंह, किशन सिंह, मनोहर आदि किसानों का कहना है कि इस समय सरसों की बुवाई चल रही है। किसानों ने डीएम से खाद उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।
खाद की कालाबाजारी खत्म न हुई तो आंदोलन
नौहझील। क्षेत्र में डीएपी खाद की कालाबाजारी शीघ्र बंद न हुई तो किसान नेता रामबाबू कटैलिया किसानों के साथ आंदोलन करेंगे। उन्होंने बताया कि सहकारी गोदामों पर खाद उपलब्ध नहीं है। थोड़ा बहुत गोदामों पर आ रहा है उसे अपने चहेतों को दे रहे हैं। किसानों को सुबह से ही खाद लेने के लिए लाइनों में लगना पड़ रहा है। सचिवों पर फोन मिलाने पर वह मीटिंग या व्यस्तता का हवाला देकर फोन काट देते हैं। नौहझील क्षेत्र के प्राइवेट दुकानदार खाद की कालाबाजारी कर रहे हैं। 1205 रुपये वाला डीएपी खाद का कट्टा 1500 रुपये तक बेचा जा रहा है। सहकारी गोदामों पर खाद न होने की वजह से किसानों को मजबूरन कलाबाजारी में खाद खरीदना पड़ रहा है। इसे लेकर शीघ्र आंदोलन किया जाएगा।
किसानों को नहीं मिला डीएपी, ब्लैक से बेचने का आरोप
सौंख। कस्बे की सहकारी समिति पर डीएपी के लिए कई दिन से मारामारी है। कर्मचारी मनमानी कर रहे है। किसानों ने कर्मचारियों पर कालाबाजारी का आरोप लगाया है। सहकारी समिति सींगापट्टी और बछगांव पर कई दिन से खाद नहीं मिल रहा है। लवकुश, भीम सिंह, राहुल कुंतल, दीपक, गोपाल सिंह, केरन सिंह, सुघड़ सिंह, अमर सिंह आदि ने उच्चाधिकारियों ने समस्या के समाधान की मांग की है।
व्यापारी डीएपी खाद को स्टोर कर, कर रहे हैं ब्लैक, बर्दाश्त नहीं होगा
बलदेव। भाकियू अंबावता के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कृषि अधिकारी अश्वनी कुमार सिंह को किसानों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। कार्यालय पर ताला लगा कर धरने स्थल पर बैठ गए। अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर किसानों को समझाया, तब किसान माने। समस्या समाधान न होने पर यमुना एक्सप्रेस वे को जाम करने की चेतावनी दी। मंडल अध्यक्ष लेखराज सिंह पहलवान ने बताया कि कृषि विभाग की ओर से लापरवाही की जा रही है। व्यापारी डीएपी खाद को गोदामों से ब्लैक कर रहे हैं। सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं है। उदयवीर सरपंच व अवधेश रावत ने कहा किसानों को आलू, सरसों व गेहूं का बीज सब्सिडी पर नहीं मिल रहा है। लाल सिंह तोमर, हरिपाल प्रधान ने कहा किसानों को सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल रहा है। 16 अक्तूबर तक ऌमस्या का समाधान नहीं हुआ तो यमुना एक्सप्रेस वे जाम होगा।