बिजली विभाग में हो रहे शोषण के विरोध में संविदाकर्मियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा साैंप दिया। संविदाकर्मियों कहना है कि कभी 24 तो कभी 48 घंटे की लंबी ड्यूटी करनी पड़ती है, लेकिन रजिस्टर में सिर्फ आठ घंटे ही दर्ज होते हैं।
वृंदावन में सात में से पांच सब स्टेशन पर कार्यरत संविदाकर्मियों ने एकजुट होकर सामूहिक इस्तीफा एक्सईएन कार्यालय में सौंप दिया। यह कदम संविदाकर्मियों द्वारा विद्युत निगम में हो रहे शोषण और अन्याय के विरोध में उठाया गया है।
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उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन संविदाकर्मी संघ के उपाध्यक्ष पंकज शर्मा ने बताया कि संविदाकर्मियों को कभी 24 तो कभी 48 घंटे की लंबी ड्यूटी करनी पड़ती है, लेकिन उपस्थिति रजिस्टर में केवल सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की ड्यूटी दर्ज की जाती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि ड्यूटी समय के बाहर काम करते समय यदि कोई दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। संवर्ग के सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी कर्मचारियों को उम्र का हवाला देकर हटाया जा रहा है और उनकी जगह अनुभवहीन युवाओं को तैनात किया जा रहा है। कर्मियों का कहना है कि यह न सिर्फ अन्याय है बल्कि विभाग की कार्यक्षमता और सुरक्षा दोनों के लिए खतरा है।