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Mathura News: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद विद्युत निगम की बढ़ेंगी मुश्किलें

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मथुरा। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में पेड़ों की छंटाई को लेकर दिए गए नए आदेश ने विद्युत निगम की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब पेड़ की छंटाई करने पर एक नया पौधे रोपना होगा। इसके साथ ही यात्राओं व अन्य कार्यक्रमों के दौरान भी पेड़ों की छंटाई करना आसान नहीं होगा।
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विद्युत निगम द्वारा बिजली की लाइनों पर आने वाले पेड़ों की छंटाई की जाती है। टीटीजेड क्षेत्र में पहले अनुमति लेकर ही पेड़ों की छंटाई की जा सकती थी। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने टीटीजेड क्षेत्र में पेड़ों की छंटाई को लेकर नया आदेश दे दिया। इसके अनुसार अब पेड़ों की छंटाई करने पर नए पौधे रोपित करने होंगे। विद्युत निगम को छंटाई से पहले और बाद के फोटो अपलोड करने के साथ ही उतने ही नए पौधे लगाने होंगे जितने पेड़ों की छंटाई की है।

सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश के बाद विद्युत निगम की चिंता बढ़ गई है। विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता ग्रामीण विजय मोहन खेड़ा ने बताया कि लगातार बिजली की लाइनों को भूमिगत करने का काम किया जा रहा है। लाइनों पर पेड़ की जो टहनी आती हैं उनका ही छटान किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने जो भी आदेश दिए हैं उसका पालन किया जाएगा।
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एग्रो फॉरेस्ट्री पर पाबंदी से किसानों को झटका
किसान अपनी आय बढ़ाने के लिए एग्रो फॉरेस्ट्री करते हैं। सरल भाषा में कहें तो एग्रो फॉरेस्ट्री एक तरह से किसानों द्वारा की जाने वाली पेड़ों की खेती है। इसमें वृक्ष संरक्षण अधिनियम में शामिल 29 वृक्षों की प्रजाति के अलावा अन्य पौधे रोपित करने और उनके कटान की अनुमति अब तक थी। मुख्य रूप से मथुरा व आसपास के क्षेत्र में किसान यूकेलिप्टिस और पॉपुलर के पौधे लगाकर एक निश्चित समय बाद उनका कटान कर अच्छी कमाई करते थे। लेकिन अब किसानों को झटका लगा है। जिन किसानों ने बीते कुछ सालों में पौधे रोपित किए थे और अब उनके कटान का समय था, उनके लिए परेशानी खड़ी हो गई।
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