गोवर्धन। गोवर्धन पूजा महोत्सव में बुधवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। हर कोई भक्ति में भाव-विभोर हो थिरका। समूचा गोवर्धन गिर्राज महाराज के जयकारों से गूंज उठा। देश के विभिन्न प्रांतों से ही नहीं, विदेशों से भी श्रद्धा से बंधे भक्त बड़ी संख्या में महोत्सव में शामिल हुए। लाखों श्रद्धालुओं ने गिर्राज शिला का दुग्धाभिषेक कर सात कोस की परिक्रमा लगाई।
उत्सव में अंतर्राष्ट्रीय गौड़ीय वेदांत समिति की ओर से निकाली गई शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र रही। देशी-विदेशी भक्त हरिनाम संकीर्तन की धुन पर नाचते-गाते शामिल थे। सिर पर प्रसाद की टोकरी लिये महिलाएं भावविभोर हो प्रभु का गुणगान कर रही थीं।
राधाकुंड मार्ग स्थित गिरधारी गौड़ीय मठ से हरिनाम कीर्तन के मध्य अन्नकूट शोभायात्रा शुरू हुई। शोभायात्रा में श्रद्धालु सिर पर मटकी व छबरी रखकर नृत्य करते चल रहे थे। दसविसा ब्राह्मण समाज की ओर से निकाली गई शोभायात्रा में कृष्ण-बलराम की झांकी निकाली गई। महिलाएं छप्पन भोग के लिए सिर पर प्रसाद की टोकरी लेकर चल रही थीं।
तलहटी के गिरिराज दानघाटी मंदिर, जतीपुरा के मुकुट मुखारविंद मंदिर, हरिगोकुल मंदिर, श्रीराधा दामोदर सेवाश्रम, कनक भवन आश्रम, राधा-कृष्ण संगम कुंड स्थित रघुनाथ दास गोस्वामी जी महाराज की गद्दी, वैष्णव सेवाश्रम आदि में अन्नकूट महोत्सव धूमधाम से मनाया।
दीपों से झिलमिला उठी मानसी गंगा
गोवर्धन। दीपावली पर्व पर गिरिराज जी की नगरी पर परंपरागत दीपदान महोत्सव से झिलमिला उठी। आस्था और श्रद्धा में डूबे भक्तों ने मानसी गंगा, राधाकुंड एवं मंदिरों में दीपदान किया। पारंपरिक दीपदान की शुरुआत मुकुट मुखारविंद मंदिर सेवायत पुजारियों की पूजा-अर्चना के मध्य शुरू हुई। इसके बाद स्थानीय हजारों लोगों के साथ देशी-विदेशी श्रद्धालुओं ने दीपदान किया।