मथुरा। पांच दिवसीय दीपावली महोत्सव के अंतिम दिन गुरुवार को यम द्वितीया का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन यमुना में बहिन-भाई के स्नान करने से यम फांस से मुक्ति मिलने का उल्लेख है। इस दिन बहिनें भाइयों के उन्नत मस्तक पर टीका कर उनक लंबी आयु की प्रार्थना करती हैं।
किदवंती है कि सूर्य की पुत्री यमुना शापित होकर नदी रूप में अपने उद्गम स्थल हिमालय से प्रवाहित होती हुई विभिन्न स्थानों पर भ्रमण करते हुए मथुरा पहुंची। यहां यमुना महारानी ने विश्राम (विश्राम घाट) किया। यमुना के ज्येष्ठ भ्राता और सूर्यपुत्र यमराज बहिन यमुना से मिलने आए। यहां भाई-बहिन का भावुक मिलन हुआ।
यमुना ने भाई के माथे पर मंगल तिलक किया तो यमराज ने बहिन से उपहार मांगने को कहा। यमुना ने वर मांगा कि जिस स्थान पर हमारा मिलन हुआ है वहां कोई भी भाई बहिन मेरे जल में स्नान करेगा तो वो यमलोक के कष्टों (यम की फांस) से मुक्त हो जाए। प्रसन्न यमराज ने यमुना को उपहार स्वरूप वरदान प्रदान किया। तभी से प्रतिवर्ष कार्तिक शुक्ल द्वितीया को बहिन-भाई एक साथ यमुना में स्नान करने को आते हैं। यमुना के 25 घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पर्व को मनाते हैं। स्नान के बाद विश्राम घाट स्थित यमुना महारानी व धर्मराज मंदिर में पूजा अर्चना कर वस्त्र, शृंगार सामग्री अर्पित की जाती है। इसके बाद बहिनें भाइयों के तिलक करती हैं भाई उन्हें उपहार प्रदान करते हैं।
यमद्वितीया : पालिका ने दुरुस्त की व्यवस्थाएं
मथुरा। यमुना में यमद्वितीया स्नान के लिए पालिका ने चाक-चौबंद व्यवस्थाओं को अंजाम दिया है। यमुना में स्नान के दौरान लाखों श्रद्धालुओं पर नजर रखने के लिए दो स्टीमर भी लगाए गए हैं।
आज यमद्वितीया के दिन लाखों श्रद्धालु यमुना में डुबकी लगाएंगे। इस पावन स्नान के लिए व्यवस्थाओं की तैयारी पालिका ने पूर्ण कर ली है। यमुना स्नान के दौरान कोई श्रद्धालु गहरे पानी में न चला जाए, इसके लिए घाटों के बाहर बैरीकेडिंग की गई है। 50 नाव और 20 गोताखोर भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं। पीएसी के गोताखोर भी मौजूद रहेंगे। दो स्टीमर भी इस दौरान निगरानी के लिए उपलब्ध रहेंगे।
यमद्वितीया पर भीड़ का दबाव देखते हुए इस बार भी यमुना पार क्षेत्र में भी स्नान की व्यवस्थाएं पालिका ने की हैं। दोनों ओर यमुना के सभी घाटों पर प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। महिला श्रद्धालुओं को कपड़ा बदलने के लिए टैंट लगाए गए हैं। इसके अलावा खोया पाया कैंप भी बनाया गया है।
पालिकाध्यक्ष मनीषा गुप्ता ने यमद्वितीया की व्यवस्थाओं का बुधवार को खुद जायजा भी लिया। उन्होंने सफाई व्यवस्था के लिए खास दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसे ध्यान रखते हुए मेला क्षेत्र की सफाई 24 घंटे पहले ही शुरू कर दी गई है।
कई प्रदेशों से आ गए श्रद्धालु
मथुरा (ब्यूरो)। यमद्वितीया पर स्नान के लिए गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से हजारों श्रद्धालु गोवर्धन पूजन के लिए ही मथुरा आ गए हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के पूर्वी जनपदों से श्रद्धालुओं के आने का दौर शुरू हो गया है।