मांट (मथुरा)। गांव बिजौली में 11 साल बाद बेटा घर पहुंचा। बेटे को देखकर मां ने उसे गले लगा लिया और रोने लगी। यह दृश्य देखकर गांव के लोग भी भावविभोर हो उठे। उनकी आंखें भी नम हो उठीं।
प्रधान सोनू ने बताया कि प्रह्लाद (50)पुत्र स्व. लेखराज पांच भाई और पांच बहन हैं। उसका विवाह वर्ष 2000 में हुआ था। किसी कारण पत्नी ने साथ छोड़ दिया तो वह मानसिक रूप में तनाव में रहने लगा। करीब 11 साल पहले वह एक संत की ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में परिक्रमा के लिए चला गया और घर नहीं लौटा। हर संभावित स्थल पर तलाशने के बाद भी उसका पता नहीं चला। इसी बीच करीब 7 साल पहले प्रहलाद के वियोग में पिता का निधन हो गया।
शुक्रवार को प्रह्लाद को पलवल में एक रिश्तेदार ने घूमता देखा तो उन्होंने उसे देखते ही पहचान लिया। हाल चाल पूछा तो प्रहलाद ने उनसे घर वापस जाने की इच्छा जताई। रिश्तेदार प्रह्लाद को घर ले आए और परिजनों के सुपुर्द कर दिया।