गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद और बुलंदशहर के 52 गांव के प्रतिनिधियों ने फैसला किया है कि शादी-विवाह में सिर्फ एक रुपया खर्च करेंगे। पंचायत ने यह भी चेतावनी दी कि यदि किसी ने फिजूलखर्ची करके दहेज का दिखावा किया तो उसका सामाजिक बहिष्कार कर दिया जाएगा।
सोमवार को बहलोलपुर गांव में ग्राम प्रधान सत्ते यादव की अगुवाई में पंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें क्षेत्र के यादव बाहुल्य 52 गांवों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कहा गया कि, खर्चीली शादी ने लोगों की समस्या बढ़ा दी है। एक करोड़ से भी ज्यादा रुपया खर्च कर दिया जाता है।
देखादेखी में अन्य लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। गरीब परिवार तो बर्बाद ही हो जाता है। सामर्थ्य के अनुसार खर्च करने के बावजूद और दहेज की मांग की जाती है। और कई बार बेटियों की हत्या भी कर दी जाती है।
सत्ते ने बताया कि बदायूं के विधायक डीपी यादव के नेतृत्व में पिछले एक साल से गांव-गांव जाकर मुहिम चलाई जा रही है। इसका असर भी खूब हुआ है।
कुछ दिन में बहलोलपुर निवासी संतोष यादव की पुत्री की शादी पर्थला में होगी, जिममें किसी भी प्रकार के दहेज का दिखावा न करने का फैसला हुआ है। इसी तरह अन्य शादियों में भी ऐसा ही किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यादव समाज के 52 गांवों में सदस्य बन चुके हैं। हर गांव में पंचायत की जा रही हैं। लोगों को समझाया जा रहा है। चूंकि मौजूदा समय में सहालग चल रहा है, इसलिए पंचायत करके जागरूक करना जरूरी है।
पंचायत में एमएलसी जितेंद्र यादव, सोरखा से नरेश प्रधान, विनय यादव, चेता यादव, गढ़ी से रामभूल, जयवीर यादव, वेद प्रधान, दलवीर यादव समेत काफी संख्या में लोग शामिल रहे।