बरेली के साथ आरएलडीए ने हैदराबाद और चेन्नई में भी निष्प्रयोज्य जमीनों के लिए मांगे टेंडर
बरेली। हो सकता है कि अगले साल तक सिविल लाइंस में ही शहरवासियों को एक ऐसा नया मार्केट सुलभ हो जाए जहां वे भीड़भाड़ और पार्किंग की समस्या से बेफिक्र होकर खाने-पीने या खरीदारी करने का लुत्फ उठा सकें। रेल विकास बोर्ड प्राधिकरण ने ऐसे समय में चौपुला में रेलवे की कॉलोनी में आवासीय और व्यावसायिक परियोजना विकसित करने का साहसिक फैसला लिया है जब कोरोना के दौर में निजी क्षेत्र की ज्यादातर परियोजनाएं जहां की तहां थमी हुई हैं। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है और उम्मीद जताई जा रही है कि साल या फिर डेढ़ साल तक चौपुला रेलवे कॉलोनी में एक नया मार्केट प्लेस लुभाने के लिए लोगों के सामने होगा।
आरएलडीए ने चौपुला रेलवे कॉलोनी को नए सिरे से विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए टेंडर मांग लिए गए हैं। दो जुलाई को वेबेक्स पर ऑनलाइन प्री-बिड मीटिंग भी बुलाई है। आरएलडीए ने पिछले साल से ही चौपुला, शाहदाना, इज्जतनगर अपनी अनुपयोगी जमीनों का आवासीय और व्यावसायिक परियोजना के लिए इस्तेमाल करने की तैयारी में लगा हुआ था। इसके लिए तकनीकी सर्वे भी कराया गया था। इस क्रम में सबसे पहले चौपुला रेलवे कॉलोनी की साढ़े 32 हजार वर्ग मीटर जमीन को नए सिरे से विकसित करने का फैसला हुआ है। आरएलडीए ने यहां आवासीय कॉलोनी के साथ व्यावसायिक कांप्लेक्स तैयार करने के लिए टेंडर मांग लिए हैं। इस प्रोजेक्ट के लिए दो जुलाई को ऑनलाइन प्री-बिड मीटिंग के बाद ऑनलाइन ई-बिड 17 अगस्त तक की जा सकेगी।
आरएलडीए की योजना के मुताबिक चौपुला की एनईआर कॉलोनी परिसर में 12,963 वर्ग मीटर जमीन लीज पर दी जाएगी जिसे व्यावसायिक तौर पर विकसित किया जाएगा। बाकी 19,660 वर्ग मीटर जमीन पर रेलवे कॉलोनी तैयार होगी। चौपुला के अलावा आरएलडीए ने हैदराबाद में चिलकालगुडा और राइफल रेंज, चेन्नई में अयानावाराम और पुलियानथोपे में भी ऐसी परियोजनाओं के लिए टेंडर मांगे हैं। बता दें, चौपुला से पहले आरएलडीए रेलवे जंक्शन के प्रवेश द्वार पर अपनी खाली पड़ी जमीन पर होटल का प्रोजेक्ट तैयार करा चुका है। यह प्रोजेक्ट सफल हुआ है।
देश भर में रेलवे की अतिरिक्त भूमि और 84 रेलवे कॉलोनियों का पुनर्विकास किया जा रहा है। बरेली के अलावा दिल्ली, लखनऊ, चेन्नई, मुंबई, गुवाहाटी और हैदराबाद में रेलवे की काफी जमीन निष्प्रयोज्य है। आरएलडीए बरेली में दूसरा प्रोजेक्ट ला रहा है। रेलवे कॉलोनियों को विकसित कर बाकी जमीन डेवलपर्स को पट्टे पर दी जा सकती है जो लीज प्रीमियम के तौर पर रेलवे की आय का साधन बन सकती है।- वेद प्रकाश डुडेजा, वाइस चेयरमैन आरएलडीए