केंद्र और प्रदेश सरकार जहां देश-प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर बेहद गंभीर हैं, वहीं जिले में महिला अधिकारों का खुल्लम-खुल्ला हनन किया जा रहा है। अफसरों ने जिले के एकमात्र महिला थाने में पुरुष इंस्पेक्टर को चार्ज सौंप दिया है।
11 नवंबर को महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मीनाक्षी का महिला सेल में स्थानांतरण कर दिया गया था। इसके बाद महिला थाने की कमान पुरुष इंस्पेक्टर भरत सिंह को सौंप दी गई।
यह आलम तब है, जबकि शासन के साफ-साफ निर्देश हैं कि महिला थाने में महिला इंस्पेक्टर को ही चार्ज दिया जाए। यही नहीं महिला उत्पीड़न के मामलों की विवेचना भी महिला इंस्पेक्टर अथवा दरोगा को ही सौंपी जाए, ताकि उत्पीड़न और पुरुष अत्याचार की शिकार हुई महिलाएं अपनी व्यथा से उन्हें खुलकर अवगत करा सकें।
इसके पीछे एक और भी अहम कारण था कि महिला ही महिलाओं के दर्द का सही आंकलन कर सकती हैं। विवेचना के दौरान पीड़िता को उन्हें अपने ऊपर हुए अत्याचार अथवा अश्लीलता के बारे में अवगत कराने में शर्म और झिझक महसूस नहीं होगी।
एसएसपी एचएन सिंह का कहना है कि इंस्पेक्टर भरत सिंह पहले से महिला थाने में हैं। महिला इंस्पेक्टर के स्थानांतरित होने के बाद अस्थायी तौर पर उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है। शासन से महिला इंस्पेक्टर की मांग की गई है। महिला इंस्पेक्टर आते ही पुरुष इंस्पेक्टर को हटा दिया जाएगा।