यूपी में बारिश और बाढ़ से स्थिति भयावह होती जा रही है। कई जगह गंगा, यमुना, घाघरा और शारदा समेत प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।
पिछले 24 घंटे में बारिश और बाढ़ से 20 लोगों की मौत हो चुकी है। बाढ़ से निपटने के लिए शासन ने क्विक रिस्पांस टीम बनाकर कंट्रोल रूम खोल दिया है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
तस्वीरों में: उफान पर यमुना
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ों पर भारी वर्षा तथा बैराज से अत्यधिक पानी छोड़े जाने से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
उन्होंने लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली के अधिकारियों से खासतौर पर विशेष सतर्कता बरतने और हर संभव ऐहतियाती कदम उठाने को कहा है।
उधर, शामली में यमुना नदी के किनारे मावी सहपत डांगूखेड़ा बांध बीती रात कट गया। इसकी बांध की लंबाई 9.60 किमी है।
बनबसा बैराज से ज्यादा पानी छोड़े जाने से बाराबंकी में घाघरा का जलस्तर बढ़ रहा है और छह गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
तस्वीरों में: आसमान से बरसी आफत
एलगिन ब्रिज में घाघरा लाल निशान छू गई है। बहराइच में घाघरा तांडव मचा सकती है। लखीमपुर खीरी के पलिया कलां में शारदा नदी खतरे के निशान से ऊपर है।
जिले में बाढ़ की स्थिति विकराल रूप लेती जा रही है। सेना के हेलिकॉप्टरों की मदद से बाढ़ में फंसे कुछ लोगों को निकाला गया।
अमरोहा में सेना बुलाई
मुरादाबाद में रामगंगा का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। गोमती और रामगंगा भी जलस्तर बढ़ रहा है। मथुरा से आगरा से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
नरोरा डैम से पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंगा भी कुछ जगह कहर बरपा सकती है।
वहीं, ब्रजघाट में गंगा खतरे के निशान से केवल पांच सेंटीमीटर नीचे है। अमरोहा में बाढ़ के खतरे से निपटने को सेना व गाजियाबाद से एनडीआरएस को बुलाया गया है। बिजनौर व बुलंदशहर से फ्लड कंपनी भी आएगी।
सर्वाधिक वर्षा रायबरेली के डलमऊ में
लखनऊ। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में रायबरेली के डलमऊ में सर्वाधिक 106.2 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। सुल्तानपुर में 79.8, रायबरेली में 29.4, पलियाकलां में 60.4, बीके घाट बहराइच में 51.4, अयोध्या में 62.2, बलरामपुर में 77, गोरखपुर में 52 तथा चंद्रदीपघाट, गोंडा में 25 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।