मैनपुरी। बदल रहे मौसम से लोगों की आंखों में संक्रमण हो रहा है। लोग आंखों में लालिमा के साथ ही जलन व अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। जिला अस्पताल के नेत्र विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन 100 से 150 मरीज उपचार कराने के लिए आ रहे हैं। संबंधित को चिकित्सक जांच के बाद परामर्श और बचाव की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 977 मरीजों ने पंजीकरण कराकर चिकित्सकों से परामर्श लिया। इसमें अधिकांश मरीज सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार, पेटदर्द आदि के रहे। इसके अलावा नेत्र रोग संबंधी करीब 100-150 मरीज शामिल रहे। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुज कुमार यादव के अनुसार बदलते मौसम में एलर्जी के कारण लोगों की पुतली लाल, खुजली व जलन हो रही है। ऐसे में लोग कंजक्टिवाइटिस की चपेट में आ जाते हैं। उन्होंने बताया कि यदि किसी की एक आंख में इंफेक्शन हो गया है तो वह दूसरी आंख में भी हो जाता है। इससे पुतली में भी सूजन आ जाती है। उन्होंने बताया कि बुजुर्गों में आंख में पानी आने की समस्या बढ़ रही है। अस्पताल आने वाले मरीजों को जांच के साथ उचित उपचार दिया जा रहा है।
बीमारी का कारण
- वसंत में परागकणों के कारण आंखों में लालपन, खुजली और पानी आने की समस्या होती है।
- नमी में बैक्टीरिया और फंगल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
- एलर्जी के मौसम में आंखों में सूखापन बढ़ सकता है।
- तेज हवा के साथ उड़ती धूल और सूरज की यूवी किरणें आंखों में जलन और एलर्जी का कारण बनती हैं।
ये करें उपाय
- बाहर धूप में निकलते समय चश्मा पहनें, जो परागकणों और धूल से आंखों की रक्षा करे।
- आंखों की जलन और सूजन को कम करने के लिए साफ कपड़े से ठंडी सिकाई करें।
- बार-बार हाथ धोएं और हाथों से आंखों को न रगड़ें, क्योंकि यह संक्रमण को बढ़ा सकता है।
- पराग के मौसम में घर की खिड़कियां बंद रखें और एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें।
- यदि लक्षण 2 सप्ताह से अधिक समय तक रहें, तो डॉक्टर से संपर्क करें।