जिले में मेडिकल स्टोर पर शेड्यूल एच ड्रग की बिक्री खुलेआम हो रही है। यह वह दवाएं हैं जिन्हें बिना चिकित्सक की सलाह के बेचा नहीं जा सकता है। इसके बाद भी उक्त दवाओं की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है।
नियमानुसार शेड्यूल एच कैटेगरी की दवाएं आम व्यक्ति को नहीं दी जा सकती हैं। यह दवाएं चिकित्सक के पर्चे पर लिखी होने के बाद ही दुकानदार किसी व्यक्ति को बेच सकता है। इसके बाद भी जिले में धड़ल्ले से उक्त दवाएं बेची जा रही हैं। कोरेक्स और एलप्रेक्स 0.5 दवाएं दुकानदार बिना चिकित्सक के पर्चा के ही दे रहे हैं। यही नहीं उक्त दवाओं का बिल तक नहीं दिया। जबकि एल्प्रेक्स दवा नींद की होती है और इसे बड़ी संख्या में लोग नशे के लिए इस्तेमाल करते हैं।
इन दवाओं की है बाजार में मांग
एक दवा विक्रेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बाजार में एल्प्रेक्स, कोडीन, आक्सीटोसीन, फोर्टविन, नेट्रावेक्स आदि दवाइयां बड़ी मात्रा में नियम विरुद्ध बेची जा रही हैं। इनका बिल भी नहीं दिया जा रहा है।
आक्सीटोसीन से जहरीला हो रहा दूध
आक्सीटोसीन इंजेक्शन का प्रयोग बड़ी संख्या में किसान और दूध उत्पादन के क्षेत्र से जुड़े लोग कर रहे हैं। इस इंजेक्शन को लगाने से पशु अधिक मात्रा में दूध देते हैं। इसके बाद भी इसकी बिक्री को लेकर न दो दवा विक्रेता और न ही अधिकारी संजीदा हो रहे हैं।
यदि दवा विक्रेता शेड्यूल एच ड्रग्स की बिक्री बिना बिल के या चिकित्सक के सलाह के कर रहे हैं तो यह गलत है। ऐसी कोई शिकायत आती है तो संबंधित दवा विक्रेता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- मुकेश पालीवाल, जिला औषधि निरीक्षक