गांव में बदमाश आने पर अब पुलिस के पहुंचने से पहले ग्रामीण बदमाशों से मोर्चा लेंगे। एसपी ने अब सभी थानाध्यक्षों को अपने क्षेत्र के गांवों में ग्राम सुरक्षा समिति गठित कर उन्हें प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को कोतवाली क्षेत्र के तीन गांवों में ग्रामीणों के साथ बैठक में पुलिस अधिकारियों ने रणनीति तैयार की।
जिले में लूटपाट और चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए एसपी देवरंजन वर्मा ने नई रणनीति तैयार की है। अब पुलिसकर्मी गांव-गांव जाकर लोगों को पुलिस के घटनास्थल तक पहुंचने तक बदमाशों से मोर्चा लेने का प्रशिक्षण दे रहे हैं। शनिवार को एसएसआई आरके सिंह ने गांव भाऊपुर में प्रधान और संभ्रांत लोगों के साथ बैठक की। ग्रामीणों को बताया कि बदमाशों के हमला होने पर घर में दुबकने के बजाय मिलकर उनका मुकाबला करना होगा। ग्राम सुरक्षा समिति में प्रत्येक गांव में मुख्यत: तीन बिंदुओं पर प्रशिक्षण देने के साथ ही टीमों का गठन किया गया। गांव में एक गश्त पार्टी दूसरी मौका मिलने पर आग लगाकर सूचना देने वाली पार्टी और गांव के लाइसेंसधारी लोगों की टीम बनाई गई जो आपात स्थिति में बदमाशों से मोर्चा लेगी। शनिवार को कोतवाली क्षेत्र के तीन गांवों में प्रशिक्षण दिया गया। गांव नगरिया में एसआई आरके सिंह और गांव पुसैना में एसआई रमेश गिरी ने प्रशिक्षण दिया।
यह कार्य करेंगी गठित टीमें
1- गांव के कुछ युवा और देर रात तक जागने वाले इच्छुक वृद्धजनों को गांव में रात्रि को कुछ समय गश्त करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। उनसे कहा गया कि वे गांव में टोली बनाकर घूमें साथ ही संदिग्ध व्यक्ति की मौजूदगी की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। खुद सतर्क होने के साथ ही ग्रामीणों को सतर्क करें।
2- युवाओं की एक टीम बदमाशों के हमले या मौजूदगी की स्थिति को लेकर बनाई गई। उन्हें बताया गया कि ऐसी स्थिति में वे खुद को संभालने के साथ ही गांव के चार पाइंट (चार कोनों) पर आग जलाकर रोशनी करेंगे। जिससे ग्रामीण सतर्क होने के साथ ही गांव में उजाला हो सके। सूचना पर गांव की तरह आ रही पुलिस को भी इससे काफी मदद मिलेगी।
3- गांव में लाइसेंसधारी लोगों को बैठक में टीम बनाकर बदमाशों से मोर्चा लिए जाने के तरीकों के बारे में बताया गया। उन्हें बताया गया कि किस तरह से अपना बचाव करते हुए बदमाशों से लंबे समय तक डटकर मुकाबला कर सकते हैं।
4- गांव में तैनात चौकीदारों को भी ऐसी स्थिति में सीटी बजाकर आसपास के गांव के ग्रामीणों और चौकीदारों को सतर्क करने की जिम्मेदारी दी गई है। सभी को सीटियां उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।
जिले में कई ऐसे गांव हैं जहां कुछेक मकान बने हैं। सुनसान इलाका होने की वजह से बदमाश ऐसे स्थानों पर वारदात को आसानी से अंजाम देते हैं। बावरिया गिरोह भी ऐसे ही स्थानों पर धावा बोलकर जान माल का नुकसान करते हैं। ग्रामीण सुरक्षा समिति का उद्देश्य ग्र्रामीणों को आपात स्थिति से निपटने के लिए मजबूत बनाना और जागरूक करना है।
देवरंजन वर्मा, एसपी मैनपुरी