मैनपुरी। दिल के मरीजों के लिए जिला अस्पताल सहित तीन सीएचसी पर यूपी स्टेमी केयर सुविधा शुरू होने जा रही है। इन अस्पतालों में एसजीपीजीआई लखनऊ के विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में हृदय रोगियों का प्राथमिक उपचार होगा। अस्पतालों में बने स्टेमी केयर कक्ष में एक घंटे की देखरेख के बाद जरूरत पड़ने पर मरीज को मिनी पीजीआई रेफर किया जाएगा।
जिले में हृदयाघात के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रतिदिन अस्पताल में हदयाघात के 8 से 10 मरीज भर्ती होते हैं। महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग पिछले 10 साल से बंद चल रहा है, ऐसे में हृदय रोगियों को निजी अस्पताल या फिर हायर सेंटर जाना पड़ता है। वर्ष 2025 की बात करें तो 410 मरीजों की मौत हृदयाघात से हुई है। अब यूपी स्टेमी केयर की सुविधा ऐसे पीड़ित मरीजों को मिलेगी। पहले चरण में पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह सुविधा महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल, सीएचसी कुरावली, सीएचसी बरनाहल और सीएचसी घिरोर में शुरू की जा रही है। यहां ईसीजी की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इसके लिए तीनों अस्पतालों में तैनात एक-एक चिकित्सक को पूर्व में ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
क्या है स्टेमी हार्ट अटैक
सीएमओ डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि स्टेमी हार्ट अटैक के दौरान हृदय की मांसपेशियों को रक्त पहुंचाने वाली मुख्य धमनियों में से एक पूरी तरह से बंद हो जाती है। इसकी वजह से हृदय की मांसपेशियों को ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति नहीं मिल पाती है। इससे हृदय की मांसपेशियों को काफी नुकसान पहुंचता है। यह एक आपातकालीन स्थिति होती है।
टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन भी रहेगा उपलब्ध
स्टेमी हार्ट अटैक में मृत्यु का जोखिम अधिक होता है। टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन का हृदयाघात के इलाज में मृत्यु के जोखिम को कम करने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग स्ट्रोक के इलाज में भी किया जाता है। टेनेक्टेप्लेस थ्रोम्बोलिटिक्स नामक दवाओं के वर्ग में आता है। यह शरीर में रक्त के थक्कों को घोलने और रक्त प्रवाह को बहाल करने में मदद करने का कार्य करता है। इसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 30 हजार रुपये है। चयनित अस्पतालों में इस इंजेक्शन की व्यवस्था भी होगी। इसकी खरीद के लिए ऑर्डर बुक हो चुका है। अगले सप्ताह तक यह इंजेक्शन संंबंधित स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध रहेगा।
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स्ट्रेप्टोकाइनेज इंजेक्शन हुआ उपलब्ध
चयनित अस्पतालों में स्ट्रेप्टोकाइनेज इंजेक्शन उपलब्ध करा दिया गया है। इस दवा का उपयोग फेफड़ों (पल्मोनरी एम्बोलिज्म) और पैरों (डीप वेनस थ्रोम्बोसिस) में रक्त के थक्कों के इलाज के लिए भी किया जा सकता है। स्ट्रेप्टोकाइनेज का उपयोग रक्त वाहिकाओं में डाली जाने वाली नलियों (कैथेटर) में रक्त के थक्कों को घोलने के लिए भी किया जाता है। यह दवा केवल अस्पताल के डॉक्टर के पर्चे के साथ उपलब्ध है।