संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले में बीमारियों का दौर शुरू हो गया है। शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग संचारी रोग नियंत्रण अभियान चला रहा है। लेकिन जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की कमी के चलते मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है और उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर किया जा रहा है। यहां डॉक्टरों के 70 में से 50 पद रिक्त चल रहे हैं।
जिले के मरीजों को ब्लॉक स्तर पर ही उचित उपचार मिल सके इसके लिए 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बेहतर भवन के साथ सुविधाजनक बेड, जांच आदि की सुविधा भी उपलब्ध है।
यहां तक कि दो-दो वेंटिलेटर भी उपलब्ध हैं। डॉक्टरों की तैनाती की बात करें तो कुल सृजित 70 पदों में से यहां पर सिर्फ 20 डॉक्टर ही तैनात हैं, उनमें से एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं हैं।
संचारी रोग नियंत्रण के लिए यहां पांच-पांच बेड सुरक्षित कराए गए हैं। चिंता की बात यह है कि जब विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं तो यहां मरीजों को भर्ती करना कैसे संभव होगा।
ऐसे में सीएचसी में मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है।
इससे जिला अस्पताल पर भार बढ़ रहा है। जिला अस्पताल में जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से प्रतिदिन 15 से 20 मरीज रेफर होकर पहुंच रहे हैं।