फोटो 2 जेल की चारदीवारी पर लगी लाइव वायर फेसिंग। संवाद
मैनपुरी। जेल से भागने की कोशिश की तो जोर का झटका लगेगा। जिला कारागार की सुरक्षा के लिए चारदीवारी पर 1200 मीटर लाइव वायर फेंसिंग लगाई गई है। सायरन बजने के साथ ही तैनात सुरक्षाकर्मी सक्रिय हो जाएंगे। अन्य कई व्यवस्थाएं भी की गई हैं। जिसमें सभी बैरकों में सीसीटीवी लगवाए जाना शामिल है।जिला कारागार मैनपुरी सुरक्षा की दृष्टि से एक संवेदनशील कारागार है, यहां लूट, हत्या, दुष्कर्म, धोखाधड़ी, साइबर अपराध के आरोपी निरुद्ध हैं। इसके अलावा आसपास के जनपद के भी कई अपराधी भी प्रशासनिक आधार पर निरुद्ध हैं। बंदियों के जेल भागने के मामले सामने आने के बाद कारागार मुख्यालय ने डीजी जेल पीसी मीणा को निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के क्रम में जिला कारागार में सुरक्षा को लेकर चाक चौबंद व्यवस्था की गई है। जेल अधीक्षक शशांक पांडेय ने बताया कि करीब 1200 मीटर चारदीवारी पर लाइव वायर फेंसिंग (विद्युत बाड़) लगवाई गई है। इससे बंदियों के पलायन और बाहर से कोई प्रतिबंधित सामान अंदर फेंका नहीं जा सकेगा। लाइव वायर फेसिंग को छूते ही यह डीसी करंट का झटका देगी। फेसिंग को छूते ही सायरन बजने लगेगा। जेल सुरक्षा को लेकर चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है।
निगरानी को लगे सीसीटीवी
जेल अधीक्षक ने बताया कि जिला कारागार में पूर्व में ही निगरानी के लिए सीसीटीवी लगे हुए थे, इनकी संख्या को बढ़ाया गया है, बैरकों के बाहर व अब अंदर भी सीसीटीवी लगाए गए हैं। बैरकों में 50 से अधिक सीसीटीवी लगवाए जा चुके हैं। बंदियों से मिलाई की प्रक्रिया के दौरान सघनता से तलाशी की जाती है, बंदी से मिलने आने वाले व्यक्ति की पूरी जानकारी एक रजिस्टर पर दर्ज की जाती है। पर्याप्त सुरक्षाकर्मी दिन और रात सुरक्षा को लेकर मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करते हैं। रात के समय वॉच टावर से निगरानी की जाती है।
वर्जन
जेल में सुरक्षा के मद्देनजर जेल की दीवारों के ऊपर इलेक्ट्रिक लाइव वायर फेंसिंग कराई गई है। इससे बंदियों के पलायन की कोशिश नाकाम होगी, साथ ही जेल की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हुई है।
शशांक पांडेय, जेल अधीक्षक