फोटो 57 घटनास्थल पर जांच पड़ताल करती पुलिस। स्रोत पुलिस
मैनपुरी। नवीगंज में 21 साल पहले हुए दंपती हत्याकांड की पुनः विवेचना के लिए पुलिस तेजी से जुट गई है। मंगलवार को बेवर पुलिस ने घटनास्थल पर जाकर नक्शा नजरिया बनाया और वादी पक्ष के बयान दर्ज किये। इसके साथ ही पुलिस ने घटना को रीक्रिएट करने का प्रयास किया। हालांकि उन्हें इसमें सफलता नहीं मिल पाई। इस दौरान उन्होंने आस पड़ोसियों से भी घटना के बारे में जानकारी ली।
6 अगस्त 2005 को नवीगंज में कौशल किशोर और उनकी पत्नी कृष्णा देवी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना में फर्रुखाबाद के माफिया अनुपम दुबे सहित 6 नामजद किए गए थे, लेकिन किसी भी आरोपी को जेल नहीं भेजा गया। पुलिस ने उनके खिलाफ एफआर लगा दी थी। वहीं घटना की वादी रही राधिका ने 20 साल बाद इस मामले की पुनः विवेचना करने की मांग शासन से की। शासन के निर्देश पर मैनपुरी पुलिस ने कमेटी बनाई और इस मामले की जांच शुरू कर दी।
होली के त्योहार की वजह से वादिया के बयान पुलिस दर्ज नहीं कर पाई थी। ऐसे में मंगलवार को थाना बेवर प्रभारी अनिल कुमार घटनास्थल पर जांच पड़ताल करने के लिए पहुंचे। इस दौरान उनके साथ वादिया राधिका और उनके भाई सीतू मौजूद रहे। थाना प्रभारी ने वादिया से घटना के बारे में पूरी जानकारी ली और उनके बयान दर्ज किए। वादी ने बताया कि आरोपियों ने उनके पिता के सामने आते ही गोलियां मारना शुरू कर दिया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
थाना प्रभारी ने बताया कि घटना के बारे में आसपास के लोगों से भी जानकारी ली गई। लोगों ने दबी जुबान में हत्या होने की बात स्वीकार की, लेकिन इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं बताया। घटनास्थल पर हत्या का सीन रिक्रियेट करने का प्रयास भी किया गया, लेकिन घटना के समय पुराने मकान थे। इस कारण सही से घटनास्थल का पता नहीं चल सका है। अगली बार फिर से कोशिश की जाएगी।