जिला कारागार में भूसे की तरह बंदी भरे हुए हैं। बैरकों की संख्या कम होने के चलते करीब तीन गुना बंदियों को एक साथ बैरक में रखा जा रहा है। इसी को देखते हुए वर्तमान में 10 बैरकों का निर्माण कार्य चल रहा है। क्षमता से अधिक बंदी होने के चलते प्रबंधन के साथ ही बंदियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
वर्तमान में जिला कारागार में कुल 1110 बंदी हैं। इनमें से 202 सिद्धदोष, 106 विचाराधीन, दो मृत्यु दंडित हैं। जिला कारागार में कुल कैदियों में 43 महिलाएं एवं 37 बच्चे भी शामिल हैं। कारागार में महिला और पुरुष की बैरक अलग-अलग हैं। मगर कुल बैरकों में महज 480 बंदियों को रखे जाने की क्षमता है और वर्तमान में कैदियों की संख्या करीब 1110 तीन गुना है। ऐसे में कारागार प्रशासन के पास सिवाय मैनेज करने के लिए कुछ भी नहीं है। एक बैरक में करीब तीन गुना बंदी रखे जा रहे हैं जिसके चलते पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को देखते हुए वर्तमान में शासन की मंजूरी के बाद 10 बैरकों का निर्माण कार्य चल रहा है। इनके निर्माण के साथ ही समस्या से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद की जा रही है।
वर्तमान में जिला कारागार में जो भी कैदी है उन्हें सही ढंग से रखना और निगरानी करना पहली प्राथमिकता है। 10 बैरकों का निर्माण कार्य शीघ्र ही पूरा हो जाएगा। इसके बाद समस्या का काफी हद तक हल होगा।
- सुरेश मिश्रा, जेलर जिला कारागार