करहल सीएचसी पर पहुंची जांच टीम जानकारी लेते हुए।
- फोटो : स्वास्थ्य विभाग द्वारा
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के निर्देश पर करहल सीएचसी पर प्रसव के बाद नेग मांगने के मामले में बच्चे की मौत की जांच शुरू हो गई है। मंगलवार को सीएमओ के निर्देश पर जांच टीम करहल पहुंची। यहां सीएचसी पर लगे सीसीटीवी फुटेज देखे वहीं तैनात स्टाफ और कर्मचारियों से भी बात की। पीड़ित को बुलाया गया लेकिन पीड़ित बाहर होने के कारण जांच अधिकारी उससे पूछताछ नहीं कर सके।
सीएचसी करहल पर थाना कुर्रा के गांव ओन्हा पतारा निवासी सुजीत कुमार की पत्नी संजली का 19 सितंबर को सुबह चार बजे प्रसव कराया गया था। प्रसव के बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई थी और सैफई पहुंचते ही बच्चे की मौत हो गई थी।
सुजीत का आरोप है कि सीएचसी करहल पर प्रसव के दौरान तैनात स्टाफ ज्योती और अन्य ने लापरवाही की। बच्चा पैदा होने के बाद 5100 रुपये के नेग के लिए बच्चा नहीं दिया गया। 40 मिनट तक बच्चा मेज पर ही रखा रहा, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। मामले की शिकायत सुजीत ने सीएम, डीएम और सीएमओ से की।
मामले का संज्ञान लेते हुए सोमवार को डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने जांच के आदेश दिए थे। सीएमओ ने आरोपी स्टाफ नर्स को सोमवार को ही सीएचसी करहल से हटाकर पीएचसी बिछवां भेज दिया गया था। मंगलवार को सीएमओ द्वारा गठित जांच टीम में शामिल एसीएमओ डॉ. विजेंद्र सिंह, डॉ. संजीव वर्मा और डिप्टी सीएमओ सुरेंद्र सिंह सीएचसी करहल पहुंचे।
यहां टीम के सदस्यों ने सीएचसी पर लगे सीसीटीवी फुटेज देखे। चिकित्साधीक्षक से बात की। प्रसव के दौरान तैनात स्टाफ और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। टीम ने शिकायतकर्ता को मौके पर बुलाया लेकिन उसने बताया कि वो बाहर है इसलिए उससे बात नहीं हो सकी।
पूरे मामले की तीन अधिकारियों की टीम जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट मिलने पर जो भी मामला सामने आएगा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।- डॉ. आरसी गुप्ता, सीएमओ