पिछले कई दिनों से सूर्यदेव का कहर लोगों पर टूट रहा है। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से जनजीवन अस्तव्यस्त हो चला है। आग उगलती सूर्यदेव की किरणें और ऊपर से बिजली-पानी की किल्लत ने लोगों की परेशानी और बढ़ाई है। अधिकांश तालाब सूख चुके हैं। जल स्तर नीचे जाने से कई इलाकों के घरेलू हैंडपंप जवाब देने लगे हैं। रविवार को सुबह से ही सूरज आग उगलने लगा। गर्म हवाओं ने लोगों का सड़कों पर निकलना मुश्किल कर दिया। आलम यह था कि दोपहर होने से पूर्व ही बाजार ही नहीं बल्कि अधिकांश सड़कों पर सन्नाटा था।
शाम करीब पांच बजे आसमान पर अचानक बादल उमड़े तो लगा कि बारिश होगी लेकिन कुछ देर में ही आई तेज आंधी के साथ बादल उड़ गए। बादलों और आंधी से भी गर्मी से कोई राहत नहीं मिल सकी। उधर कस्बों में सात-आठ घंटे की बिजली कटौती और कम वोल्टेज आने से लोग परेशान हैं। चरमराई विद्युत व्यवस्था का सीधा असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा है। लोगाें को पीने के पानी के लिए हैंडपंपों पर लाइनें लगानी पड़ रहीं हैं। बारिश नहीं होने से खेती-किसानी के काम ठप पड़े हुए हैं।