किशनी विकासखंड के नगला अहिर स्थित प्राथमिक विद्यालय पर तैनात शिक्षिका से वेतन की रिकवरी का जाएगी। जिला चयन समिति ने वित्त एवं लेखाधिकारी को इस संबंध में पत्र जारी किया है। शिक्षिका ने पांच साल में लगभग 60 लाख रुपये वेतन के रूप में प्राप्त किया है। कन्नौज निवासी शिक्षिका फर्जी अभिलेखों पर नौकरी कर रही थी। जांच के बाद खुलासा हुआ तो उसे बर्खास्त कर दिया गया।
कन्नौज जिले के सौरिख निवासी लक्ष्मी ने वर्ष 2018 में शिक्षिका की नौकरी हासिल की थी। बीएसए को शिकायत मिली कि शिक्षिका ने फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी हासिल की है। शिक्षिका ने एक ही साल में दो जगह से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा पास कर ली। शिकायत पर बीएसए दीपिका गुप्ता ने खंड शिक्षाधिकारी जेपी पाल और सुनील दुबे से जांच कराई।
जांच के बाद अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट बीएसए को सौंपी। रिपोर्ट देखकर सभी आश्यर्यचकित रह गए। शिक्षिका के खिलाफ की गई शिकायत सही मिली। उसने एक ही साल में दो अलग-अलग कॉलेजों से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने दस्तावेज लगाकर नौकरी हासिल की थी। यही नहीं शिक्षिका ने समान सत्रों में ही बीए और बीएससी की डिग्री एक ही विश्वविद्यालय से ली।