इसके साथ ही परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। दूसरे स्तर पर सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। 99 केद्रों के लिए 20 सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाए गए हैं। इसके बाद तीसरे स्तर पर निरीक्षण के लिए जोनल मजिस्ट्रेट और सचलदलों को जिम्मेदारी दी गई है।
पांच जगह से तीसरी आंख करेगी निगरानी
यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्र पर प्रत्येक कक्ष में दो-दो वॉयल रिकॉर्डिंग युक्त कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की निगरानी जिला मुख्यालय, मंडलायुक्त कार्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ, क्षेत्रीय कार्यालय इलाहबाद और लखनऊ से कराई जा रही है। मंगलवार को इसका ट्रायल भी किया गया। डीआईओएस कार्यालय पर बनाए गए ऑनलाइन निगरानी केंद्र से 10 कंप्यूटरों से परीक्षा केंद्र का ट्रायल हुआ। स्ट्रांग रूम में रखे प्रश्नपत्र की पल-पल पर नजर रखी गई।
सचलदल में इन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए पांच सचलदल बनाए गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक अजय कुमार सिंह, बीएसए दीपिका गुप्ता, सह जिला विद्यालय निरीक्षक रघुराज सिंह पाल, डायट प्रवक्ता हर्षदीपांकर तिवारी के नेतृत्व वाले सचलदल परीक्षाओं के दौरान भ्रमण करते रहेंगे। वहीं प्रधानाचार्य सुलक्षणा शर्मा के नेतृत्व वाला सचलदल अतिरिक्त में रहेगा। जरूरत पड़ने पर यह सचलदल भी भ्रमण करेगा।
बोर्ड परीक्षा पूरी तरह नकल विहीन कराना ही शासन और प्रशासन का संकल्प है। इसके लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा में अगर कोई बाधा डालने की कोशिश करेगा तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। -अविनाश कृष्ण सिंह, डीएम