उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई की। 35 वर्ष पहले पुलिस ने एक युवक को पकड़ा था। इसके कब्जे से तमंचा बरामद हुआ था। मामले में एसीजेएम द्वितीय सत्येंद्र कुमार चौधरी ने सुनवाई की। अपराध स्वीकार करने पर उसको अदालत उठने तक की सजा सुनाई। साथ ही एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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मामला कुरावली थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने वर्ष 1989 में देवेंद्र सिंह निवासी रामगंज थाना घिरोर को पकड़ा था। उसके कब्जे से एक तमंचा बरामद हुआ था। पुलिस ने देवेंद्र के खिलाफ तमंचा रखने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की। जांच करने के बाद पुलिस ने मुकदमे की सुनवाई के लिए चार्जशीट न्यायालय में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय सत्येंद्र कुमार चौधरी के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक अभियोजन अधिकारी सुरेंद्र कुमार कनौजिया ने की। आरोपी देवेंद्र सिंह ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायालय में अपना अपराध स्वीकार कर लिया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय सत्येंद्र कुमार चौधरी ने देवेंद्र को अदालत उठने तक की सजा सुनाई। साथ ही एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया।