मैनपुरी में किशोरी से दुष्कर्म करने का प्रयास के मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाया। इस पर उसे आठ साल की सजा सुनाई। मामला आठ साल पहले का है।
मैनपुरी में किशोरी से दुष्कर्म करने का प्रयास के मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाया है। दलीलों को सुनने के बाद स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम त्यागी ने दोषी को आठ साल की सजा सुनाई है। साथ ही आठ हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
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मामला औंछा थाना क्षेत्र के एक गांव का है। गांव निवासी एक युवक ने बताया कि उसकी नाबालिग बेटी 14 दिसंबर 2014 की शाम पांच बजे खेत में शौच के लिए गई थी। खेत में पहले से मौजूद रामविलास निवासी उसनीधा, थाना औंछा ने उसके साथ छेड़छाड़ व दुष्कर्म का प्रयास किया। मामले उन्होंने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मुकदमा की सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम त्यागी की कोर्ट में हुई। वादी, विवेचक, चिकित्सक, किशोरी सहित गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर रामविलास को किशोरी से दुष्कर्म करने के प्रयास का दोषी पाया गया।
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मामले में विशेष लोक अभियोजन शैलेंद्री राजपूत की दलीलों पर स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम ने रामविलास को आठ साल की सजा सुनाई है। उस पर आठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। विशेष लोक अभियोजन शैलेंद्री राजपूत ने बताया कि निर्णय के अनुसार जुर्माने की पूरी धनराशि प्रतिकर के रूप में पीड़िता को दिए जाने के निर्देश स्पेशल जज ने दिए हैं।