मैनपुरी। निजी स्कूलों में किताबों के नाम पर कमीशनखोरी की जानकारी मिलने पर एडी बेसिक ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने बीएसए को टीम गठित कर कमीशन खोरी रोकने के निर्देश दिए हैं। निजी स्कूल संचालकों ने किताबों के नाम पर कमीशन खोरी का धंधा शुरू कर दिया है। एनसीईआरटी की जो किताबें शासन की ओर से संचालित कराने की अनुमति दी गई है, उन किताबों के स्थान पर अन्य प्रकाशकों की किताबों का संचालन किया जा रहा है। निजी स्कूल संचालक इन किताबों को या तो अपने स्कूल में ही बिक्री कर रहे हैं या फिर किसी पुस्तक विक्रेता से मिलकर 40 से 50 प्रतिशत कमीशन लेकर किताबे खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर कर रहे हैं। इस संबंध में जानकारी होने पर एडी बेसिक ने नाराजगी जताते हुए उन्होंने बीएसए को पत्र भेजकर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। बीएसए दीपिका गुप्ता ने बताया कि एडी बेसिक के निर्देश पर जिले के निजी स्कूलों में पुस्तकें, बैग, स्टेशनरी, ड्रेस आदि की निगरानी के आदेश खंड शिक्षाधिकारियों को दिए गए हैं। बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने विकास खंड में आने वाले मान्यता प्राप्त समस्त विद्यालयों, संस्थानों (यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई, तकनीकी शिक्षण संस्थानों) में शासनादेश का पालन कराएं। खुले बाजार से किताबों और स्टेशनरी की खरीद कराई जाए। यदि किसी स्कूल संचालक द्वारा किसी दुकान विशेष या स्कूल के अंदर बिक्री की बात सामने आती है तो उस पर कार्रवाई की जाए।
बिना मान्यता वाले स्कूलों की कसी जाएगी नकेल: मैनपुरी।
शासन के निर्देश पर जिले में गैर मान्यता के संचालित स्कूलों की जांच की जिम्मेदारी डीआईओएस सतीश कुमार को सौंपी गई है। डीआईओएस के नेतृत्व वाली टीम 18 अप्रैल तक जिले में अभियान चलाकर गैर मान्यता के संचालित स्कूलों पर कार्रवाई करेगी। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।निदेशक माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जिला विद्यालय निरीक्षक को एक पत्र जारी किया गया है। पत्र में कहा गया है कि किसी कीमत पर कहीं भी गैर मान्यता के स्कूलों का संचालन न कराया जाए। पत्र में कहा गया है कि डीआईओएस की जिम्मेदारी है कि वे अपने नेतृत्व में 18 अप्रैल तक जिले में अभियान चलाकर पता लगाएं कि कहां-कहां बिना मान्यता के स्कूलों का संचालन किया जा रहा है।जिला विद्यालय निरीक्षक ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा परिषद के पत्र के बाद चेतावनी दी है कि जिले में कहीं भी अवैध रूप से स्कूलों का संचालन नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि राजकीय कॉलेजों के प्रधानाचार्यों की मदद से गोपनीय जांच कराई जा रही है। 18 अप्रैल तक जांच कराई जाएगी। यदि कहीं भी बिना मान्यता के स्कूल संचालन होते पाया गया तो संबंधितों के विरुद्ध शासनादेश के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।जिला विद्यालय निरीक्षक डीआईओएस सतीश कुमार ने बताया कि निदेशक माध्यमिक शिक्षा परिषद को जिले में अवैध स्कूलों की जांच कर बंद कराने की रिपोर्ट 30 अप्रैल तक भेजी जानी है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जांच शुरू कर दी गई है। किसी कीमत पर जिले में गैर मान्यता के स्कूलों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।