उप चुनाव में अखिलेश का गढ़ ध्वस्त करने के लिए भाजपा का प्लान रेडी है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को इसकी कमान सौंपी गई है। भितरघात जैसी आशंकाओं को बल न मिले, इसके लिए वह सबसे पहले अपनों की नब्ज टटोलेंगे।
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की करहल सीट से विधायक रहे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस्तीफा दे दिया था। अब यहां उप चुनाव होना है। भाजपा इस बार अखिलेश को गढ़ को ध्वस्त करने के लिए पूरी रणनीति के साथ आगे चल रही है। तीन मंत्रियों को विधानसभा उप चुनाव का जिम्मा देने के बाद अब डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को भी गढ़ ध्वस्त करने के लिए मैदान में उतार दिया है। उनकी अगुवाई में ही तीनों मंत्री अब करहल में काम करेंगे।
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करहल विधानसभा सीट पर लंबे समय से सपा का कब्जा चला आ रहा है। ये सीट इसलिए भी अहम है क्योंकि यहां से अखिलेश यादव विधायक थे, उनका इस्तीफा देने के बाद ही ये सीट खाली हुई है। इतना ही नहीं करहल को सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव का दूसरा घर भी कहा जाता है।
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उन्होंने करहल से ही शिक्षा हासिल की और यहीं शिक्षण कार्य और पहलवानी भी की। ऐसे में सपा के लिए भी उप चुनाव विरासत की जंग होगा। लेकिन भाजपा इस बार ये सीट जीतकर सपा को गढ़ में ही धूल चटाना चाहती है। इसके लिए सीएम योगी ने पूरी रणनीति तैयार कर ली है।
इसी के तहत तीन मंत्रियों के बाद अब डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को करहल का जिम्मा सौंपा है। उनके साथ कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह, योगेंद्र उपाध्याय और राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभारी अजीत पाल भी पूरी ताकत झोंकेंगे।
सूत्रों के अनुसार जल्द ही अखिलेश के गढ़ में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भाजपाइयों की नब्ज टटोलेंगे। कुछ कार्यकर्ताओं और भाजपाइयों की नाराजगी दूर करने का जिम्मा भी उनके कंधों पर है।
इस बार भाजपा उप चुनाव की तैयारी में यहां आगे भी है। सपा ने अब तक उप चुनाव के लिए कोई खास तैयारी नहीं की है। उनका बस एक ही दावा है कि करहल उनकी थी और उनकी ही रहेगी।
10 सीटों में मिल्कीपुर के बाद टॉप पर है करहल
उत्तर प्रदेश में 10 विधानसभा सीटों पर उप चुनाव हो रहा है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों की सीटें शामिल हैं। सभी को भाजपा जीतने का दम भर रही है। लेकिन इन 10 सीटों में अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा सीट सबसे टॉप पर है। इसकी कमान सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने पास ही रखी है। वहीं इसके बाद मैनपुरी जिले की करहल सीट का नंबर आता है। ये सीट जीतना भी भाजपा के लिए उतना ही जरूरी है। इसीलिए इसकी जिम्मेदारी अब डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को दी गई है।
करहल सीट इस बार उप चुनाव में भाजपा के पाले में होगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक हों, कैबिनेट मंत्री हों या फिर कोई छोटा कार्यकर्ता, जिसे भी जिम्मेदारी सौंपी है वह उसे पूरा करेगा। इस बार करहल में कमल खिलेगा। -राहुल चतुर्वेदी, जिलाध्यक्ष भाजपा