बुखार आने और सांस फूलने से तीन और लोगाें की मौत हो गई। वहीं जिला अस्पताल में अभी तक कंट्रोल रूम भी नहीं बना है। संक्रामक रोगों के प्रकोप का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले दो माह में जिला अस्पताल में डायरिया और बुखार से पीड़ित होने पर 21 लोगों की मौत हो चुकी है।
जिले में संक्रामक रोगों का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बुखार और डायरिया के रोगियों की भीड़ जिला अस्पताल हो या झोलाछाप की दुकानें हर जगह दिख रही है। थाना बिछवां निवासी मुन्नी लाल (50) को तेज बुखार आया था। परिवारीजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं थाना कोतवाली क्षेत्र के आजाद नगर निवासी हवलदार (55) को भी तेज बुखार आने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उनकी भी मौत हो गई। वहीं रमेश (40) की सांस फूलने से मौत हुई है।
बता दें कि जिला अस्पताल में जुलाई और अगस्त माह में केवल बुखार और डायरिया से पीड़ित 99 लोगों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान 21 की मौत हो गई। इसके अलावा विभिन्न संक्रामक रोगों से पीड़ित प्रतिदिन 500 से 700 तक रोगी पहुंच रहे हैं।
सीएचसी और पीएचसी पर भी नहीं खुले कंट्रोल रूम
मैनपुरी। जिले में संक्रामक रोगों का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। अभी तक जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी पर कंट्रोल रूम नहीं खुले हैं। इसके चलते ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।
इन रोगों से पीड़ित रोगी आ रहे ज्यादा
मैनपुरी। जिले में डायरिया, उल्टी दस्त, पेटदर्द, बुखार, खांसी, जुकाम और सांस फूलने से पीड़ित रोगी अधिक आ रहे हैं। इसके चलते जिला अस्पताल में रोगियों की लंबी लाइनें लगी नजर आती है।
जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी पर कंट्रोल रूम खुलवाने की तैयारी चल रही है। तीन से चार दिन में कंट्रोल रूम खुल जाएगा। वहीं वर्तमान में सीएमओ कार्यालय में कंट्रोल रूम खोला गया है। यदि कहीं संक्रामक रोग फैलते हैं तो सीएमओ कार्यालय पर खुले कंट्रोल रूम पर जानकारी दें।
डाक्टर केके शर्मा, सीएमओ, मैनपुरी