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फिल्मनगरी में हीरो बनने गए थे, बन गए विलेन : अली खान

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महोबा। खजुराहो में चल रहे फिल्म फेस्टिवल में सिनेजगत के अभिनेताओं के आने का सिलसिला जारी है। गदर, इंडियन और खुदा गवाह जैसी विभिन्न फिल्मों में खलनायक की भूमिका निभाने वाले अली खान और प्रसिद्ध लेखक असगर वजाहत फेस्टिवल में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने फिल्म निर्माण व अभिनय को लेकर युवाओं से अपने अनुभव साझा किए।
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अली खान ने कहा कि जब वह फिल्मनगरी मुंबई गए थे तो उन्हें हीरो बनना था लेकिन वह विलेन बन गए। उनके फिल्मी करियर की शुरुआत खुदा गवाह फिल्म से हुई। उन्होंने सरफरोश, कोहराम, इंडियन, अलीबाबा चालीस चोर समेत 100 से अधिक फिल्मों में विभिन्न किरदार निभाए हैं। मशहूर लेखक असगर वजाहत ने बताया कि खजुराहो फेस्टिवल अन्य फेस्टिवलों से अलग है। यहां युवाओं की अधिक भागीदारी है। यही इसकी सफलता की वजह है। उन्होंने खजुराहो को फिल्म का गढ़ बनाने के लिए बाहर की चीजें यहां न लाने पर जोर दिया। स्थानीय पात्रों पर ही कहानी तैयार करें। फिल्म अदाकारा अभिलाषा, निर्देशक अजय मनचंदा, आमोद भट्ट ने भी अनुभव साझा किए। कहा कि लगातार फिल्म फेस्टिवल के आयोजन होने से युवा निखर कर सामने आएंगे। एक जमाना था जब टेलीविजन का दौर था और अब डिजिटल प्लेटफाॅर्म का जमाना है। इस मौके पर फ्रांसीसी अभिनेत्री मरियम बोर्गो, फिल्म अभिनेता-निर्देशक राकेश साहू ने भी फिल्मों में करियर को लेकर अनूठी जानकारियां दीं।
अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के दौरान चल रही वर्कशॉप में सिने अभिनेताओं, निर्माता, निर्देशकों व सह कलाकारों ने छात्र-छात्राओं के साथ अपने अनुभव साझा किए। निर्देशक अजय मनचंदा ने बताया कि फिल्मों में करियर निर्माण के लिए दो चीजें महत्वपूर्ण हैं। एक मानवतापूर्ण व्यवहार और दूसरा अदाकारी इन दोनो में संतुलन जरूरी है। एक बेहतर अभिनेता को अपनी बात सही जगह प्रस्तुत करने का पता होना चाहिए।
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खजुराहो में चल रहे नौवें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की तीसरी शाम बॉलीवुड गीतों के नाम रही। स्थानीय व बाहरी कलाकारों ने सुरीली आवाज में गीत और सामूहिक नृत्य के माध्यम से समा बांध दिया। सुर, ताल के साथ कलाकारों ने आवाज का जादू बिखेरा। जिसे सुनकर मुंबई से आए बॉलीवुड कलाकार वाह-वाह कर उठे।
तीसरी शाम की शुरुआत स्थानीय प्रतिभागियों की रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ हुई। मुकेश बेगी ने पल-पल दिल के पास तुम रहती हो, ऐसा मौका फिर कहां मिलेगा हमारे जैसा कहां मिलेगा जैसे गीतों पर अपनी आवाज का जादू बिखेरा। बुंदेलखंड के रानी दुर्गावती समिति डांस ग्रुप बांदा के कलाकारों ने प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। नैनों में सपना, सपनों में सजना गीत पर सामूहिक नृत्य की प्रस्तुति देख दर्शक अपनी जगह पर खड़े होकर झूमने को मजबूर हो गए। इसके अलावा कलाकारों ने अनेक बॉलीवुड गीतों पर प्रस्तुतियां दीं। जिसे देखने के लिए दर्शक बेताब नजर आए।
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