महोबा। ब्लाक चरखारी के गौरहारी गांव में आवास योजना में हेराफेरी कर वित्तीय धन का दुरुपयोग के प्रमाण मिले है। डीएम के आदेश पर हुई चार आवासों की जांच रिपोर्ट चरखारी एसडीएम ने डीएम को भेजी है।
ग्राम पंचायत गौरहारी में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में गड़बड़ी की शिकायत गांव के ही प्रेमनारायण, खेमचंद्र आदि ने 10 अक्तूबर 2020 को डीएम से की थी। डीएम के निर्देश पर एसडीएम चरखारी ने तहसीलदार से जांच कराई। जांच के दौरान चार आवासों में हेराफेरी सामने आई। एसडीएम पीयूष जायसवाल ने डीएम सत्येंद्र कुमार को भेजी जांच रिपोर्ट में ग्रामीण भानुप्रताप पुत्र परशुराम के नाम आवास स्वीकृत कराया गया। जिसमें भानुप्रताप पुत्र राघवेंद्र का आधार जोड़कर धनराशि निकाली गई। इसी तरह गांव के ही मजीद खान के नाम दो आवास स्वीकृत कर धनराशि निकालना पाया। रामगोपाल पुत्र नत्थू के नाम स्वीकृत आवास की धनराशि रामगोपाल पुत्र हिंदूपत का बैंक खाता लिंक कर पैसा निकालने की पुष्टि हुई। आवासों की गड़बड़ी में पूर्व प्रधान और सचिव की मिलीभगत की आशंका जताते हुए कार्रवाई के लिए रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है। एसडीएम ने बताया कि मामले की चार बिंदुओं पर की जांच रिपोर्ट भेजी गई है।