महोबा। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण में महोबा ने प्रदेश भर में 48 वां स्थान हासिल किया है। वहीं चित्रकूट धाम मंडल में महोबा फिसड्डी है। रैंकिंग जारी होने पर अधिकारियों ने सुधार के लिए निर्देशित किया है।
शासन द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण (एसएसजी) की शासन द्वारा सूची जारी कर दी गई है। जिले के गांवों में स्वच्छता के दावों की पोल खोल दी है। जारी की गई सूची में कानपुर देहात ने प्रदेश भर में पहला स्थान हासिल किया है। चित्रकूट मंडल में महोबा 48 स्थान पर रहकर सबसे फिसड्डी रहा। मंडल में बांदा 29वें, हमीरपुर 32वें और चित्रकूट को 17वें पायदान पर रहा।
जिला पंचायत राज अधिकारी संतोष कुमार का कहना है कि कम लोगों ने फीडबैक दिया है। गांवों में साफ-सफाई कराई जा रही है। रैंक घटती-बढ़ती रहती है। गांवों में साफ-सफाई कराई जा रही है।
जिले में बढ़ रहे डेंगू व बुखार के मरीज
गांवों में फैली गंदगी से बीमारियां पैर पसार रही है। शहर से लेकर गांव तक डेंगू और बुखार के मरीज बढ़ गए हैं। कई मरीजों की मौत भी हो चुकी है। फिर भी गांवों में साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो सकी है। जिला अस्पताल के सीएमएस ने बताया कि अब तक 41 मरीज सामने आ चुके हैं, जिनका इलाज किया गया है।
डीपीआरओ कार्यालय से नहीं हट सके सफाईकर्मी
गांवों में सफाई कर्मी ड्यूटी की बजाय अधिकारियों की खुशामद में लगे हैं। कोई अर्दली बन बैठा है तो कोई डीपीआरओ कार्यालय में बाबू बनकर काम कर रहा है। तत्कालीन जिलाधिकारी ने सभी सफाई कर्मियों को मुख्यालय से हटाकर गांवों में भेजने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक सफाई कर्मी नहीं हटाए गए हैं। 25 से अधिक सफाई कर्मी जिले में कार्यरत हैं, जिनका साफ-सफाई से कोई वास्ता नहीं है।
ग्राम पुन्नियां में बजबजाती नालियां।- फोटो : MAHOBA