महोबा। खुले में शौच जाने की परंपरा रोकने में ब्लॉक कबरई के डिगरिया गांव की सुमित्रा की पहल रंग ला रही है। जिसका नतीजा है कि 100 से अधिक ग्रामीणों ने खुले में शौच जाना बंद कर दिया है। गांव को ओडीएफ बनाने की मुहिम को पंख लगे हैं।
सुमित्रा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से गांव में दो साल से सामुदायिक शौचालय चला रही हैं। शुरुआती दौर में इक्का दुक्का लोग ही यहां आते थे। जिसके बाद सुमित्रा ने घर-घर जाकर महिलाओं व किशोरियों को प्रेरित करना शुरू किया। उन्हें बताया कि खुले में शौच से न सिर्फ बीमारियों बल्कि घटनाओं का भी खतरा रहता है। उनके प्रयास से मौजूदा समय में 35 महिलाएं व किशोरियों सहित 100 से ज्यादा ग्रामीण रोजाना शौचालय का उपयोग करने लगे। सुमित्रा का कहना है कि गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने तक उसका प्रयास जारी रहेगा।
एनआरएलएम की जिला मिशन प्रबंधक प्रीति पूजा चौरसिया ने बताया कि गांव को ओडीएफ बनाने में सुमित्रा बेहतर प्रयास कर रही हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने इस काम की शुरूआत की। इससे उन्हें समुदाय में एक नई पहचान मिली है।
सीएम से मिल चुका है सम्मान
महोबा। दो साल पहले सुमित्रा ने गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने की मुहिम शुरू की। गांव को ओडीएफ बनाने की दिशा में उनके प्रयास बेहद सराहनीय रहे। गांव में लोगों को सामुदायिक शौचालय का इस्तेमाल करने के प्रति जागरूक किया। उनके इन्हीं प्रयासों को देखते हुए पिछले वर्ष सीएम योगी आदित्यनाथ ने उन्हें सम्मानित भी किया था।