महोबा। छात्रा से दुष्कर्म के दोषी को अदालत ने सात साल की सजा सुनाई है। आठ हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। एक अन्य आरोपी को अदालत ने दोष मुक्त कर दिया।
कोतवाली कुलपहाड़ के एक गांव निवासी युवक ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि वह अपने परिवार के साथ ईंट-भट्ठे में मजदूरी करने लखनऊ गया था। उसकी दो पुत्रियां गांव में ही दादा-दादी के साथ रहती थीं। 12 वर्षीय बड़ी पुत्री कक्षा छह की छात्रा थी। सात फरवरी 2018 को उसके चाचा का रिश्तेदार विष्णु निवासी बसहरी बांदा अपनी रिश्तेदारी में आया।
आठ फरवरी को बड़ी पुत्री के घर में अकेली होने पर उसे डरा-धमकाकर अपने साथ ले गया। जिसकी सूचना पुलिस को दी गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में एसपी के आदेश के बाद 21 फरवरी को विष्णु के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पीड़िता के बयान दर्ज कराए। विवेचना के दौरान सुरेंद्र उर्फ सुरिया का नाम भी सामने आया। न्यायालय ने 24 अक्तूबर 2018 को अभियुक्त विष्णु व सुरेंद्र के खिलाफ दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में आरोप तय किया।
अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार यादव ने सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा व अमन कुमार सिंह ने बताया कि जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है जबकि दूसरे आरोपी सुरेंद्र उर्फ सुरिया को दोष मुक्त किया गया।