महोबा। जिले में संचालित डिग्री कॉलेजों में अब शिक्षा की गुणवत्ता के साथ अन्य महत्वपूर्ण मानकों के आधार पर रैंकिंग तय की जाएगी। इसके लिए शासन स्तर से नई व्यवस्था लागू की गई है। जिसके तहत सभी कॉलेजों को अपनी गतिविधियों, संसाधनों व शैक्षणिक उपलब्धियों का पूरा विवरण यूपी प्रमाण पोर्टल पर साझा करना होगा।
जनपद में 23 निजी और चार राजकीय महाविद्यालय संचालित हैं। नई प्रणाली का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता बढ़ाना, प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करना व छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। कॉलेजों की रैंकिंग राज्य स्तरीय क्वालिटी इंश्योरेंस सेल के माध्यम से की जाएगी, जो संस्थाओं की प्रोफाइल और पिछले तीन माह के कार्यों का मूल्यांकन करेगी। कॉलेजों को नियमित रूप से अपनी गतिविधियों का अपडेट पोर्टल पर दर्ज करना होगा। तीन माह में किए गए कार्यों व उपलब्धियों के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। रैंकिंग प्रक्रिया में केवल परीक्षा परिणाम ही नहीं बल्कि कई अन्य पहलुओं को भी शामिल किया गया है। उधर, शहर के वीरभूमि राजकीय महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. प्रदीप कुमार का कहना है कि कॉलेजों को 47 बिंदुओं पर पोर्टल पर डाटा फीड करना होगा। रैंकिंग के आधार पर ही कई योजनाओं और संसाधनों का आवंटन भी किया जा सकता है। इससे बेहतर प्रदर्शन करने वाले कॉलेजों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
ये मानक होंगे
-शिक्षण गुणवत्ता और परीक्षा परिणाम।
-छात्र-छात्राओं की उपस्थिति और सहभागिता।
-एनसीसी, एनएसएस, खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधियां।
-पुस्तकालय, लैब और अन्य आधारभूत सुविधाएं।
-डिजिटल शिक्षा व स्मार्ट क्लास का उपयोग।
-प्लेसमेंट, कॅरिअर काउंसिलिंग और कौशल विकास कार्यक्रम।