फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाल-ए-बेरोजगार: सिक्योरिटी गार्ड बनने को भी तैयार दिखे पोस्ट ग्रेजुएट युवा

विज्ञापन
विज्ञापन
महोबा। राजकीय आईटीआई मेले में लगे बेरोजगार मेले में बढ़ती बेरोजगारी की तस्वीर सामने आई। मेले में आने वाले हाथ में परास्नातक की डिग्री की लिए युवा सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी के लिए लाइन में दिखे। कुछ लंबाई से मात खा गया तो कोई कंपनियों प्रतिनिधियों के सवालों से। वहीं नौकरी के लिए बेरोजगार युवक युवतियां राजस्थान के भीलवाड़ा भी जाने को तैयार दिखे। मेले में 284 बेरोजगारों को मेले में आईं 19 कंपनियों ने ऑफर लेटर दिया। जिसमें उन्हे 8 हजार से लेकर 18 हजार रूपये तक की नौकरी दी गई। मेले में 850 बेरोजगार नौकरी की तलाश में पहुंचे।
विज्ञापन

बुधवार को साल के आखिरी रोजगार मेले का आयोजन राजकीय आईटीआई महोबा में किया गया। मेले का मुख्य विकास अधिकारी डॉ. हरिचरन ने निरीक्षण कर पंजीकरण पुस्तिका देखी। नगर पालिका प्रतिनिधि सौरभ तिवारी ने बेरोजगारों को आफर लेटर प्रदान किए। जिससे युवाओं के चेहरे में खुशी देखने को मिली। मेले में नोडल प्रधानाचार्य राजकुमार और जिला सेवायोजन अधिकारी राममूर्ति ने व्यवस्थाएं देखीं। इस मौके पर पूर्व प्रधानाचार्य शिव कुमार गोस्वामी, रामजी गुप्ता आदि मौजूद रहे।
लौट गईं नौकरियां, नहीं मिले काबिल
रोजगार मेेले में 16 ऑनलाइन और तीन ऑफलाइन कंपनियां मेले में पहुंची। जिसमें 800 रिक्तियों पर युवाओं को रोजगार देना था। साक्षात्कार के बाद महज 284 लोगों को ही नौकरी के लिए ऑफर लेटर दिया गया। विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों को काबिल युवा नहीं मिले। मेले में सर्वाधिक नौकरियां बुंदेलखंड कनेक्ट में 110, जी4 एस सल्यूशन सिक्योरिटी में 31, ब्लैक हाउंड सिक्योरिटी में 64, आरएसडब्लूएम भीलवाड़ा राजस्थान ने 64, एलआईसी में 48, एक्सजेंट एक्वा में 107, गार्विन जेनेटिक्स में 64 समेत विभिन्न कंपनियों में युवाओं को रोजगार मिला।
विज्ञापन

बोले युवा
शहर निवासी लक्ष्मी ने बताया कि उसने बीएससी और बीटीसी किया है। इस बार टीईटी के लिए आवेदन किया था लेकिन पेपर रद्द हो गया। जिससे अब नई सरकार गठन के बाद ही नौकरी के आसार इसलिए अब राजस्थान के भीलवाड़ा में नौकरी मिल रही तो चले जाएंगे। रोजगार मिल रहा है राजस्थान भी चलेगा।
- हमीरपुर के भरूआ सुमेरपुर निवासी प्रतिभा अपने आठ महीने के बच्चे को लेकर पहुंची। उन्होंने बताया कि भीलवाड़ा की धागा कंपनी में काम मिल रहा है। 11 हजार की नौकरी के लिए चले जाएंगे, बेरोजगार रहने से अच्छा है कि रोजगार मिलेगा।
-शहर निवासी कंचन रैकवार ने बताया कि आईटीआई किया है। रोजगार की तलाश है कंप्यूटर आपरेटर की नौकरी मिल गई है। अपने शहर में ही काम करूंगी।
-चरखारी से आए ऋषि ने बताया कि वह स्नातक और ड्योक के कंप्यूटर कोर्स किया है। मेले में कम सैलरी मिलने की बात कर रहे हैं इसलिए नहीं करेंगे। जब अच्छा पैकेज मिलेगा तब नौकरी करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें