कुलपहाड़ (महोबा)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुलपहाड़ में प्रसव के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को अस्पताल प्रशासन की ओर से भोजन मुहैया कराने की व्यवस्था मजाक बन कर रह गई है।
डिलीवरी के लिए आईं महिलाओं को तीन दिन से खाना नहीं मिला। तीमारदार अपने घर से खाना, चाय और नाश्ता लाने को मजबूर हैं। इससे उनमें नाराजगी व्याप्त है।
तहसील क्षेत्र के सिरमौर गांव निवासी विजय अहिरवार ने आरोप लगाया कि रविवार की सुबह उसकी बहू प्रियंका को प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। इसके करीब दो घंटे बाद डिलेवरी हुई। प्रसव को 24 घंटे बीतने के बाद भी अस्पताल प्रशासन की ओर से खाना, चाय नाश्ता आदि नहीं दिया गया।
जब खाना के लिए नर्स से कहा गया तो नर्स ने बताया कि खाना नहीं मिलेगा। बाहर से ही खाना मंगाना पड़ेगा। इसकी शिकायत उन्होंने सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक से की। अन्य प्रसूताओं ने भी शासन की ओर से मिलने वाला निशुल्क नाश्ता और भोजन न दिए जाने का आरोप लगाया।
उधर, चिकित्साधीक्षक डॉ. महेश सिंह का कहना है कि भोजन व्यवस्था का काम देख रहे ठेकेदार ने जो कर्मचारी लगाए हैं, वह तीन दिन से बाहर हैं। फिर भी ठेकेदार को व्यवस्था दुरूस्त रखने के लिए कहा है।