महोबा। ग्राम पंचायत जैतपुर में वित्तीय वर्ष 2020-21 और 2021-22 में हुए कार्यों के लेखा परीक्षा की जांच के दौरान बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों ने एक काम का दो-दो बार भुगतान निकाल लिया।
वित्तीय वर्ष 2020-21 में जैतपुर ग्राम पंचायत में आलोक द्विवेदी सचिव व मुन्नी खातून प्रधान थी। उस दौरान प्राथमिक विद्यालय के कायाकल्प और सुंदरीकरण के कराए गए काम को लेकर लेखा परीक्षण की रिपोर्ट में गड़बड़ी उजागर हुई है। लेखा परीक्षण की रिपोर्ट में बताया गया है कि इस काम के लिए टेंडर प्रक्रिया में समस्त आवश्यक प्रमाणपत्र नहीं लगाए गए। अनियमित तरीके से इस काम के नाम पर 15.30 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
इस मामले में जांच के बाद प्रधान व सचिव से ब्याज समेत वसूली अपेक्षित है। साथ ही एक ही तिथि में एक ही काम का 13.19 लाख रुपये का दो बार भुगतान का मामला सामने आया है। वहीं वित्तीय वर्ष 2021-22 में ग्राम पंचायत जैतपुर में हुए कार्याें का भी लेखा परीक्षा की ओर से जांच की गई। जांच में पाया गया कि भिन्न-भिन्न कार्य में आइडी के सापेक्ष सामग्री पर 78.16 लाख का भुगतान किया गया।
लेखा परीक्षा विभाग ने प्रशासक के पद पर एडीओ पंचायत गिरीश मिश्रा व प्रधान छोटेलाल, सचिव आलोक द्विवेदी और टीए को उत्तरदायी बताया है। लेखा परीक्षा विभाग ने जांच रिपोर्ट में लिखा है कि इस काम का श्रमिक भुगतान उसके खाते में नहीं किया गया। उधर, इस मामले को लेकर जिला लेखा परीक्षा अधिकारी सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा अशरफी खान ने डीपीआरओ को पत्र भेजा है। जिसमें कहा है कि 60 दिन के अंदर संबंधित से अनुपालन आख्या समिति के समक्ष प्रस्तुत की जाए। ताकि इसकी समीक्षा कर शासन को प्रगति रिपोर्ट से अवगत कराया जा सके।