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अन्ना मवेशी से छुटकारा दिलाने का सुझाव दे बुंदेलखंड किसान यूनियन

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महोबा/कुलपहाड़। अन्ना पशुओं की समस्या से छुटकारा के लिए बुंदेलखंड किसान यूनियन ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर कोर्ट ने याचिका कर्ता से सुझाव मांगे हैं। जिसको लेकर यूनियन किसानों, समाजसेवियों से बात कर समस्या के समाधान के लिए मसौदा तैयार कर रहा है।
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प्रदेश सरकार द्वारा समस्या के समाधान के लिए ग्राम पंचायतों और नगर पंचायतों में गोशालाओं का निर्माण कराया गया है लेकिन इनके इंतजाम नाकाफी साबित हुए हैं। बुंदेलखंड किसान यूनियन द्वारा हाई कोर्ट का रुख किया और एक जनहित याचिका दायर की गई जिस पर हाईकोर्ट ने किसान यूनियन से सुझाव देने के लिए कहा है। जिस पर यूनियन विभिन्न वर्गों किसानों, प्रधानों, समाजसेवियों से राय लेकर मसौदा तैयार कर रहा है।
-बुंदेलखंड किसान यूनियन के अध्यक्ष विमल शर्मा का कहना है की किसानों से राय मशवरा कर इस समस्या से जुड़े अन्य लोगों से सलाह ली जाएगी और उसी के हिसाब से रोडमेप बनाया जाएगा। यह किसानों की समस्या है इसलिए किसानों की बात प्रमुखता से शामिल की जाएगी।।
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-समाजसेवी अरविंद तिवारी का कहना है कि बुंदेलखंड के प्रत्येक जिले से कम से कम चार लोगों को एक समिति में जोड़ा जाए जो इस समस्या से लगातार जूझते रहे हैं। ऐसे लोग अपने जिले से सुझाव मांगे और उन्हीं सुझावों को हाई कोर्ट को सौंपा जाना चाहिए।
- सतारी के प्रधान व ग्राम प्रधान संगठन के मंडलीय अध्यक्ष संदीप पांडे का कहना है कि बहुत सारे ग्राम प्रधान बेहतरीन तरीके से गौशाला चला रहे हैं। वह इस समस्या के जानकार है और समाधान भी जानते हैं।
- किसान राजेश चौबे का कहना है कि पहले खेती गाय-बैल, हल से होती थी। अब मशीनीकरण होने से गाय खेती से बाहर हो गई। अब सिर्फ दूध के लिए उसका उपयोग होता है। यदि ईमानदारी से सरकार नस्ल सुधार कार्यक्रम चलाएं तो किसानी के साथ साथ दूध से अतिरिक्त आए होगी और किसान और समाज स्वस्थ रहेंगे। किसान की आर्थिक हालत सुधरेगी।
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