महोबा। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में रखी बायो केमिस्ट्री मशीन के फुंक जाने से लीवर, किडनी समेत प्रमुख बीमारियों की जांच नहीं हो पा रही है। तीन दिन से तीमारदार महंगे दामों पर अपने मरीजों की बाहर प्राइवेट लैब से जांच करा रहे हैं। जिम्मेदार जल्द मशीन ठीक कराने की बात कह रहे हैं।
बता दें कि लगातार बढ़ रही ठंड के कारण बुखार, खांसी समेत अन्य बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में लैब में रोजाना करीब 200 से अधिक मरीज जांच कराने पहुंचते हैं। जिला अस्पताल में बायो-केमिस्ट्री मशीन खराब होने से लीवर किडनी समेत सभी जांचे बंद पड़ी हैं। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें न सिर्फ जांच के लिए अस्पताल से बाहर आना पड़ता है बल्कि प्रति मरीज को करीब 400 रुपये भी खर्च करने पड़ते हैं।
सोमवार को भी जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे मरीजों को जांच की सुविधा नहीं मिल सकी। लीवर, किडनी के अलावा शुगर, लिपिड, आरए फैक्टर, सीआरपी, एमाइल्स आदि जांचों के लिए मरीज व उनके तीमारदार इधर-उधर भटकते नजर आए। पैथोलॉजिस्ट डॉ. राजेश भट्ट का कहना है कि मशीन खराब होने से शनिवार से जांच का काम प्रभावित है। मुख्यालय से इंजीनियर बुलाया गया है। जल्द ही मशीन ठीक कराकर जांच की सुविधा शुरू की जाएगी।
सप्ताह भीतर दूसरी मर्तबा बिगड़ी मशीन
लैब की बायो-केमिस्ट्री मशीन पहले भी खराब हो चुकी है। बीती 28 दिसंबर को भी मशीन खराब हुई थी, उस वक्त स्थानीय स्तर पर ही इसे ठीक करा लिया गया था। अब जब दोबारा मशीन ने काम करना बंद कर दिया तो मुख्यालय से इंजीनियर बुलाने की बात की जा रही है।
बोले लोग
-चरखारी निवासी वीरेंद्र कुमार का कहना है कि उनकी आंत का ऑपरेशन होना है, डॉक्टर ने जांच लिखी है लेकिन मशीन की खराबी के कारण अस्पताल से सुविधा नहीं मिल पा रही है।
-गौनगुढ़ा निवासी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि उनके बच्चे की तबीयत खराब है। अस्पताल की लैब में सैंपल तो ले लिया गया लेकिन रिपोर्ट नहीं मिल पा रही। बताते हैं कि मशीन खराब है।