महोबा/कुलपहाड़। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार को झमाझम बारिश हुई। जिसको लेकर मौसम विभाग ने 17 से 19 अक्तूबर तक पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश होने और तापमान में गिरावट के एडवायरी जारी की थी। बारिश से रबी की फसल की बुवाई के लिए पलेवा का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। जिससे अब उन्हें हजारों रुपये खर्च कर सिंचाई नहीं करानी पड़ेगी।
किसानों के लिए यह समय पलेवा करके चना, मटर, गेहूं, मसूर, लाही की बुवाई का है। पिछले कई दिनों से किसान ऊपर वाले से प्रार्थना कर रहे थे कि पानी बरस जाए ताकि मूंगफली खेतों से उखाड़ कर बुवाई कर सकें। रविवार रात से लगातार रुक-रुक कर बारिश और सोमवार को मूसलाधार बारिश हुई। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे। किसान माधव कुशवाहा का कहना है कि इस बारिश से प्रत्येक किसान की हजारों रुपये की बचत होगी। क्योंकि कुलपहाड़ के आसपास 20 गांव में सिंचाई का एकमात्र संसाधन कुएं और ट्यूबवेल है। जिनसे सिंचाई डीजल से होती है या बिजली से संचालित ट्यूबवेल से होती है। प्रति बीघा सिंचाई के लिए 700 रुपये तक देने पड़ते हैं।
जिला कृषि अधिकारी वीपी सिंह का कहना है कि इस समय रबी की फसलों की बुवाई का समय चल रहा है। जिन किसानों ने सिंचाई नहीं थी उन्हें बारिश का फायदा मिलेगा।