मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार यादव ने अभियुक्त रज्जू उर्फ राजू साहू को दुष्कर्म, एससीएसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में आजीवन कारावास व 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
किशोरी को भगा ले जाकर दुष्कर्म करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम) संतोष कुमार यादव ने बुधवार को फैसला सुनाया। आरोप सिद्ध होने पर अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा व 30 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका गया।
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साक्ष्यों के अभाव में एक अन्य आरोपी को बरी किया गया। घटना 12 दिसंबर 2018 की रात 12 बजे की है। थाना अजनर के एक गांव निवासी 16 वर्षीय किशोरी घर से लापता हो गई। रात करीब ढाई बजे जब परिजन जागे तो किशोरी गायब मिली।
खोजबीन करने पर पता चला कि रज्जू उर्फ राजू साहू परिवार के ही राहुल के साथ मिलकर किशोरी को भगा ले गया। राहुल की साइकिल सड़क पर पड़ी मिली। जिसके आधार पर किशोरी के पिता ने थाना अजनर में तहरीर देकर 21 दिसंबर को रज्जू व राहुल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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आरोप लगाया था कि पुत्री दस हजार की नगदी व सोना-चादी के आभूषण भी ले गए। पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर 161 व 164 के बयान कराए। विवेचना में सामने आया कि रज्जू किशोरी को नशीला पदार्थ खिलाकर महोबा से दिल्ली ले गया था और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया।
मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार यादव ने अभियुक्त रज्जू उर्फ राजू साहू को दुष्कर्म, एससीएसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में आजीवन कारावास व 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अर्थदंड की अदायगी न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि घटना में शामिल एक अन्य आरोपी राहुल को साक्ष्यों के अभाव में बरी किया गया है।