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कोमल हूं कमजोर नहीं के हौसले से राधा हारी नहीं,चूल्हा ही नहीं रोजगार भी संभाल रही

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महोबा। कोमल हूं कमजोर नहीं, परेशान हूं लेकिन हारी नहीं। यह लाइनें शायद राधा रानी के लिए ही बनी हैं। पति के साथ दुर्घटना हुई तो घर चलाने का संकट सामने था। ऐसे में अबला रहना राधा को पसंद नहीं था। उसने लोन लेकर ऑटो लिया और फिर क्या था निकल पड़ी संघर्ष और कर्त्तव्य की डगर पर..., यहां भी मुसीबत ने पीछा नहीं छोड़ा, परिवार चलाने के लिए वह आज भट्ठों पर ईंट पथाई का काम कर रहीं हैं। राधा के साहस और धैर्य का हर कोई मुरीद है।
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बता दें कि जैतपुर ब्लॉक के कैथोरा गांव निवासी 42 वर्षीय राधा रानी के पति जयराम का मजदूरी करते समय मिक्चर मशीन में काम करते समय ऊंचाई से नीचे गिर गए थे जिससे उनकी कमर टूट चुकी है, वह काम नहीं कर पाते हैं। जिससे परिवार के पालन पोषण की सारी जिम्मेदारी राधा ने अपने कंधों पर ले रखी है। बताया कि दो पुत्र दृगपाल ( 18), जितेंद्र (10) हैं। बेटी की शादी मेहनत मजदूरी करके किसी तरह से मंदिर से कर दी है।
राधा रानी ने बताया कि तीन साल पहले ऑटो रिक्शा खरीदा था। उसे चलाकर परिवार का जीवन यापन कर रही थी। लेकिन एक युवक उसके ऑटो में शराब लेकर बैठ गया था। जिसे पुलिस ने पकड़ लिया और उसका ऑटो सीज कर दिया। आय का साधन भी चले जाने से वह परेशान हो गई। उसने परिवार के लिए ईंट पथाई का काम शुरू किया। बीते एक महीने पहले किस्तों से एक लोडर ऑटो लिया है अगर कोई भाड़ा मिल जाता है तो कैथोरा से जैतपुर, लमौरा सहित आसपास के गांवों में लोडर से माल डाल देते हैं भाड़ा नहीं मिलता तो खाली समय मे गुम्मा पाथने के कार्य को करके अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं
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मंदिर से की थी बेटी की शादी
राधा रानी बताती है कि उनके पास डेढ़ बीघा खेत हैं सिंचाई का कोई साधन नहीं है। पांच वर्ष पहले बेटी रंजना की शादी मंदिर से की थी तो खेत 25 हजार में गिरवी रख दिया था । जिसे अभी भी नही उठा पाए।
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