महोबा। अर्जुन सहायक परियोजना के तहत कबरई बांध उच्चीकरण का कार्य अंतिम चरण में हैं। जुलाई के पहले सप्ताह में कबरई बांध भरा जाएगा। बांध भरने से झिरसहेबा गांव जलमग्न हो जाएगा। हालांकि डूब क्षेत्र में आने वाले झिरसहेबा गांव के ग्रामीणों को मुआवजा पहले ही दिया जा चुका है। गुरुवार को मौदहा बांध निर्माण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता ने झिरसहेबा गांव खाली करने की चेेतावनी दी, जिससे ग्रामीणों में खलबली मच गई।
करोड़ों की लागत से अर्जुन सहायक परियोजना के तहत अर्जुन बांध के उच्चीकरण का कार्य कराया गया। बांध का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। बांध को भरे जाने का खाका अफसरों ने तैयार कर लिया। जुलाई के पहले सप्ताह में बांध को पूरी क्षमता के साथ भरे जाने पर झिरसहेबा गांव जलमग्न हो जाएगा। ऐसी स्थिति में बांध के भराव क्षेत्र में आने वाले झिरसहेबा गांव को विस्थापन के आदेश दिए गए हैं।
मौदहा बांध निर्माण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता एके सिंह का कहना है कि डीएम स्तर से गठित टीम ने अधिग्रहण नीति के तहत झिरसहेबा गांव के ग्रामीणों की अचल संपत्ति का मूल्यांकन किया था। मुआवजा पहले ही दे दिया गया है।
अब कबरई बांध को भरा जाना है, जिससे झिरसहेबा गांव जलमग्न हो जाएगा। ग्रामीणों को गांव खाली करने की चेतावनी दी है। गांव खाली न करने की स्थिति में किसी भी प्रकार की क्षति होने पर विभाग उत्तरदायी नहीं होगा।