कवि सम्मेलन में रचनाएं पेश करते कानपुर के कवि केके अग्निहोत्री।
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चरखारी (महोबा)। कस्बे के ऐतिहासिक गोवर्धननाथ मेले में रविवार की रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व मुशायरा का आयोजन किया गया। जिसमें दूर-दराज से आए कवियों व शायरों ने रचनाओं के माध्यम से समा बांधा। छतरपुर से आए कवि सबीह हाशमी ने रचना वसीयत में करा लो मुझसे अपनी जान कर दूंगा, वतन की आन की खातिर में सब कुर्बान कर दूंगा सुनाकर लोगों में देशभक्ति का जज्बा भरा।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ भाजपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह सेंगर, नगर पालिका अध्यक्ष मूलचंद्र अनुरागी, ईओ केके सोनकर ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। कानपुर से आए कवि केके अग्निहोत्री ने हास्य व्यंग्य की कविताओं से दर्शकों को जमकर लुभाया। कानपुर से आईं कवियत्री शिखा मिश्रा ने रचना गजलें हो या गीत सब का दर्द ही आधार है, कविता की हर बूंद सौ-सौ आंसुओं के पार है सुनाई। कवि विवेक बरसैंया कविता प्रेम में मान या अपमान कहां होता है दर्द होता है समाधान कहां होता, रुकमणि बनना तो आसान बहुत है लेकिन राधा बनना कभी आसान कहां होता है सुनाई। कवि प्रदीप दिहुलिया के आठ वर्षीय पुत्र गोपाल ने कविता मनु महारानी ने देखौ पिया बिठूरी पानी था रणकौशल तीरों तलवारों में न कोई सानी था सुनाकर खूब तालियां बटोरी। इसके अलावा कटनी के कवि मनोहर मनोज, छतरपुर के प्रकाश पटैरिया, झांसी के शायर सरवर कमाल आदि ने भी रचनाएं पेश की।