बाजार में गुलाल की खरीददारी करते लोग।
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महोबा। होली पर खान-पान से लेकर रंगों के प्रयोग में सावधानी बरतने की जरूरत है। जरा सी असावधानी से आपकी त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है। खानपान को लेकर भी सचेत रहें।
जिला अस्पताल के डॉ. गुलशेर अहमद ने बताया कि रंगों में सीसा, पारा, कॉपर सल्फेट जैसे हानिकारक पदार्थ होते हैं जो त्वचा और रेस्पिरेटरी सिस्टम से अंदर जा सकते हैं। इससे गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। महिला जिला अस्पताल की डॉ. अमृता सिंह का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान इम्यूनिटी कम होती है और त्वचा बहुत संवेदनशील होती है। हानिकारक रंगों से शरीर को नुकसान पहुंच सकता है।
जरूरी है कि गर्भवती महिला को नुकसानदायक रंगों का उपयोग करने के बजाय, मेहंदी, पालक, चुकंदर से घर में बने रंगों के साथ होली खेलनी चाहिए। हर साल होली के बाद गर्भवती महिलाओं में एलर्जी की कई शिकायतें सामने आती हैं।
सिर से पांव तक नारियल का तेल लगाएं, ताकि रंग शरीर में न जा पाए। अपने नाखूनों को पहनें पारदर्शी नेल पेंट से कोट करें। बालों में अच्छे से तेल लगाएं। पेट्रोलियम जेली की मोटी परत होंठ, कान, गर्दन के पिछले हिस्से पर लगाएं। परिवार और दोस्तों के साथ शालीनता से होली खेलें। पानी का इस्तेमाल न करें। खाने और पीने में ज्यादा लापरवाही न बरतें। पूरी बांह के कपड़े पहनें। भीड़भाड़ वाली जगह पर न जाएं।