महोबा। प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की तरह अब आम नागरिक भी क्षय रोगियों को गोद ले सकेंगे। इससेे उनकी सेहत में जल्दी सुधार लाया जा सकता है। जनपद में 298 क्षय रोगियों को गोद लेने का लक्ष्य रखा गया है। आज से विश्व क्षय रोग दिवस से इसकी शुरूआत होगी। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इच्छुक लोगों के आवेदन पर क्षय रोगियों को गोद दिया जाएगा। 13 अप्रैल तक गोद लेने का अभियान चलेगा।
केंद्र और प्रदेश सरकार देश को वर्ष 2025 से पूर्व क्षय रोग मुक्त बनाने में जुटे हैं। उनकी सेहत सुधारने के लिए प्रदेश स्तर पर अभियान चल रहा है। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। वहीं, अब क्षय रोगियों को गोद देने की योजना शुरू की जा रही है। इसके तहत आम नागरिक क्षय रोगियों को नियमित दवा लेने और सेहत का विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित करेंगे। क्षय रोगी की सेहत बेहतर होने पर गोद लेने वाले व्यक्ति को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने डा. सुधाकर पांडेय ने बताया कि जिले के क्षय रोगियों को गोद लेने के लिए संस्थाओं और आम नागरिकों को प्रेरित किया जा रहा है। अगर किसी को थकान, बुखार, तीन या उससे ज्यादा हफ्तों से खांसी, खांसी में खून आना, खांसते या सांस लेते हुए सीने में दर्द होना, अचानक वजन घटना, ठंड लगना और सोते हुए पसीना आना इत्यादि टीबी के लक्षण होते हैं। इसको बिल्कुल भी नजर अंदाज मत करें। समय से और इलाज लें।
गोद लेने वाले करेंगे खानपान की व्यवस्था
जिला क्षय रोग अधिकारी डा. जी आर रत्मेले ने बताया कि क्षय रोगियों को गोद लेने के बाद उनके खानपान की व्यवस्था गोद लेने वाले व्यक्ति या संस्था को ही करनी होगी। इसके लिए अलग से बजट का कोई प्रावधान नहीं है। क्षय रोगियों को प्रोटीन से भरपूर खुराक डाइट दी जाती है। इसमें चना, गुड़ आदि शामिल होता है। उसे नियमित दवा खाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उधर, सरकार की ओर से क्षय रोगियों को निशुल्क दवाएं और इलाज के दौरान हर महीने 500 रुपये दिए जाते हैं।