मंडलस्तरीय उद्योगंबधु की बैठक में त्रुटिपूर्ण चालानों का मुद्दा उठाते महोबा के क्रशर व्यापारी।
- फोटो : मंडलस्तरीय उद्योगंबधु की बैठक में त्रुटिपूर्ण चालानों का मुद्दा उठाते महोबा के क्रशर व्यापारी। स्रोत: यूनियन
कबरई। परिवहन विभाग की त्रुटिपूर्ण चालान की कार्रवाई जिले के खनन और क्रशर उद्योग पर भारी पड़ रही है। नेशनल परमिट धारक ट्रकों का चालान कर उन्हें मध्यप्रदेश डायवर्ट किए जाने से स्थानीय उद्योगों को नुकसान हो रहा है।
इससे परेशान क्रशर उद्यमियों ने बांदा स्थित मयूर भवन में आयोजित मंडल स्तरीय उद्योग बंधु बैठक में मुद्दा उठाया। साथ ही मंडलायुक्त अजीत कुमार को पत्र सौंप समस्या से अवगत कराया।
महोबा क्रशर यूनियन के अध्यक्ष बालकिशोर द्विवेदी व सचिव देवेंद्र मिश्र ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशील नीतियों के तहत उत्तर प्रदेश में अन्य राज्यों से आने वाले उपखनिजों पर 150 रुपये प्रति घनमीटर का शेष कर लगाया गया है। ताकि, स्थानीय उद्योगों को प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिले। इसके बावजूद बांदा और महोबा के परिवहन अधिकारियों की ओर से यूपी के भीतर ही एक जिले से दूसरे जिले में खनिज ले जा रहे ट्रकों का चालान कर उन्हें मध्यप्रदेश से सामग्री लाने को मजबूर किया जा रहा है।
परिवहन अधिकारी इसे नेशनल परमिट की शर्तों के तहत एक ही राज्य में लोडिंग और अनलोडिंग पर प्रतिबंध का हवाला देते हैं। जिसे यूनियन ने नीतिगत त्रुटि बताया। कहा कि इससे महोबा से ग्रिट लाने वाले ट्रक छतरपुर (मध्यप्रदेश) की ओर डायवर्ट हो रहे हैं।
ऐसे में स्थानीय व्यापारियों को आर्थिक क्षति हो रही है और रोजगार पर भी खतरा मंडरा रहा है। यूनियन सचिव ने झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर खैरादा रेलवे क्रसिंग पर ओवर ब्रिज निर्माण के दौरान बनी अस्थायी सड़क की समस्याओं से भी अवगत कराया। उन्होंने सुझाव दिया कि दोनों ओर वैकल्पिक मार्ग बनाकर वन-वे यातायात व्यवस्था लागू की जाए। मंडलायुक्त ने समाधान का भरोसा दिया है।